जयपुर। राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करों और संगठित नशा माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम करते हुए प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने एक और ऐतिहासिक व बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे विशेष ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित काली कमाई पर करारा प्रहार किया है।
पुलिस ने मेवाड़ से मारवाड़ तक नशे का नेटवर्क चलाने वाले कुख्यात तस्कर ललित सिंह उर्फ ललित आंजना द्वारा तस्करी के पैसों से खरीदी गई करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विशेष धारा 68 एफ (1) के तहत फ्रीज (कुर्क) करने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
2021 की एक जब्ती से खुली थी तस्कर के साम्राज्य की पोल
343 किलो डोडा-चूरा के साथ पकड़ा गया था गुर्गा एसपी बी. आदित्य ने इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि इस मामले की जड़ें साल 2021 से जुड़ी हैं। 30 सितंबर 2021 को छोटीसादड़ी पुलिस थाना टीम ने गश्त के दौरान एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका था। तलाशी में उस गाड़ी से 17 कट्टों में भरा कुल 343 किलोग्राम अवैध डोडा-चूरा जब्त किया गया था। इस मामले में पुलिस ने मौके से भागने का प्रयास कर रहे आरोपी वीरू उर्फ विरेन्द्र आंजना को गिरफ्तार किया था।
सख्ती से पूछताछ करने पर वीरू ने कबूला कि यह अवैध डोडा-चूरा ललित सिंह उर्फ ललित कुमार पुत्र सुवालाल आंजना (निवासी बसेड़ा, छोटीसादड़ी) के कहने पर लाया जा रहा था। इस वारदात के बाद से ही मुख्य सरगना ललित आंजना लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने कड़े प्रयासों के बाद पिछले साल 25 अप्रैल 2025 को उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
पैतृक गांव में खरीदी थी 1.05 करोड़ की जमीन, अब लगा सरकारी बोर्ड
आरोपी ललित आंजना के जेल जाने के बाद एसपी बी. आदित्य के कड़े मार्गदर्शन में छोटीसादड़ी थानाधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और आरोपी की अवैध संपत्तियों की ‘गोपनीय वित्तीय जांच’ (Financial Investigation) शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह तथ्य आया कि आरोपी ने मादक पदार्थों की सुनियोजित तस्करी से जो काली कमाई अर्जित की थी, उसका निवेश अपने पैतृक गांव ‘बसेड़ा’ में 3.5 बीघा कृषि भूमि खरीदने में किया था। वर्तमान में इस भूमि का बाजार मूल्य करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये आंका गया है। चूंकि आरोपी ललित के पास इस करोड़ों की संपत्ति को खरीदने का कोई भी वैध आय स्रोत (Valid Source of Income) नहीं था, इसलिए पुलिस ने इसके स्थाई फ्रीजिंग का पुख्ता और विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया।
इस प्रस्ताव को भारत सरकार के अधिकृत ‘कंपिटेंट अथॉरिटी व एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा एवं एनडीपीएस एक्ट’, नई दिल्ली को भिजवाया गया, जिसे अथॉरिटी द्वारा विधिवत स्वीकार कर लिया गया है। इस आदेश के प्राप्त होने के बाद थानाधिकारी छोटीसादड़ी द्वारा उस फ्रीज की गई भूमि पर आधिकारिक तौर पर सरकारी बोर्ड लगा दिए गए हैं। अब इस संपत्ति का कोई उपयोग, खरीद या बेचान नहीं किया जा सकेगा।
मेवाड़ से मारवाड़ तक फैला था नशे का बड़ा नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त ललित आंजना बेहद शातिर और अंतर-जिला स्तर का आदतन तस्कर है। वह लंबे समय से राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र से डोडा-चूरा लाकर मारवाड़ क्षेत्र के बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, पाली और सिरोही जिलों के तस्करों को भारी मात्रा में सप्लाई करने के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोपी के खिलाफ जिला सिरोही, पाली और प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 6 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें पुलिस द्वारा पूर्व में ही कोर्ट में चालान पेश किए जा चुके हैं।