राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30,000 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है । उद्योग और वाणिज्य विभाग ने इस प्रक्रिया में तेजी लाते हुए जून माह तक बैंकों को 60,000 आवेदन अग्रेषित करने की योजना बनाई है, जो वार्षिक लक्ष्य से दोगुना है ।
किसे कितना मिलेगा ऋण? (पात्रता और श्रेणियां) योजना के तहत ऋण सीमा को शैक्षणिक योग्यता और कार्य क्षेत्र के आधार पर दो भागों में बांटा गया है:
- कक्षा 8वीं से 12वीं उत्तीर्ण युवा: सेवा और व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये तक और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के लिए 7.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण पा सकते हैं । साथ ही, इन्हें 35,000 रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता भी दी जाएगी ।
- ग्रेजुएट, ITI और उच्च शिक्षा प्राप्त युवा: इनके लिए सेवा और व्यापार क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक और विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त, 50,000 रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता का भी प्रावधान है ।
मंडियों के विकास के लिए बजट जारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राज्य भर की कृषि उपज मंडियों के विकास के लिए 21.2 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है । इस बजट का उपयोग चौमहला (झालावाड़), कुचामन सिटी, बारां, कोटा (अनाज मंडी) और प्रतापगढ़ में मंडी यार्ड के निर्माण और विद्युत कार्यों के लिए किया जाएगा ।
73 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त
उद्योग और वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना के अनुसार, अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए अब तक 73,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो लगभग 3,580 करोड़ रुपये की कुल ऋण मांग को दर्शाते हैं । जिला उद्योग केंद्रों द्वारा अब तक 31,000 से अधिक आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं ।
बता दें कि यह योजना 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की गई थी और आवेदन की प्रक्रिया 22 जनवरी से शुरू हुई थी । सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर राज्य में एक सशक्त स्वरोजगार तंत्र विकसित करना है ।