राजस्थान में कुदरत का कहर: श्रीगंगानगर-बीकानेर में भारी ओलावृष्टि से बिछी सफेद चादर, रेगिस्तान बना कश्मीर

Madhu Manjhi

राजस्थान में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तेज आंधी के साथ भारी ओलावृष्टि और बारिश दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव से जहाँ आमजन को गर्मी से राहत मिली है, वहीं खेतों में खड़ी पकी-पकाई फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

श्रीगंगानगर में ‘सफेद चादर’: रेगिस्तान में कश्मीर जैसा नजारा

श्रीगंगानगर के अर्जुनसर और राजियासर क्षेत्र में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और भीषण ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओले इतनी अधिक मात्रा में गिरे कि कुछ ही देर में सड़कों और खेतों पर ओलों की मोटी परत जमा हो गई, जिससे पूरा इलाका कश्मीर की वादियों जैसा नजर आने लगा। इसके अलावा जैसलमेर के नाचना और बीकानेर के कई हिस्सों में भी ओलों ने भारी तबाही मचाई है।

आंधी और धूल का गुबार

चूरू के सरदारशहर में तेज धूल भरी आंधी चलने से विजिबिलिटी काफी कम हो गई और आसमान में धूल का गुबार छा गया। जयपुर में भी दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अजमेर और हनुमानगढ़ में भी तेज बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया।

आगामी दिनों के लिए अलर्ट और सावधानी

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 4 अप्रैल को भी जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और संभाग के जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है। 5-6 अप्रैल को गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन 7 अप्रैल को एक और नया मजबूत विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में दोबारा तेज आंधी-बारिश का दौर शुरू होगा।

किसानों को विशेष सलाह: मौसम विभाग ने किसानों और मंडी व्यापारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे कटी हुई फसलों और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें, ताकि भीगने से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

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