राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के किसानों (अन्नदाताओं) के लिए एक और बड़ी राहत की घोषणा की है। प्रदेश के 22 जिलों के बाद अब दौसा एवं करौली जिले में भी कृषि उपभोक्ताओं को खेती के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली सुलभ होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने सोमवार रात अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर पोस्ट करके इस निर्णय की जानकारी दी।
87,801 कृषि परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री के इस फैसले का सबसे बड़ा असर दौसा और करौली की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
- दौसा जिला: 52,460 कृषि उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
- करौली जिला: 35,341 कृषि उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
- बड़ा बदलाव: अब किसानों को कड़ाके की सर्दी या बारिश में रात के समय सिंचाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी। इससे जंगली जानवरों का खतरा कम होगा और वे रात में अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे।
विद्युत तंत्र का सुदृढ़ीकरण और सौर ऊर्जा
दिन में बिजली देने के लिए इन दोनों जिलों में बुनियादी ढांचे को काफी मजबूत किया गया है:
- दौसा: 18 नए 33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) और 47 सब-स्टेशनों पर 128.95 एमवीए की क्षमता बढ़ाई गई है।
- करौली: 6 नए 33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं और 15 सब-स्टेशनों पर 49.45 एमवीए की क्षमता वृद्धि की गई है।
- PM कुसुम योजना: दोनों जिलों में 32 मेगावाट क्षमता के 17 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो इस निर्बाध आपूर्ति में मदद करेंगे।
इन 24 जिलों में अब दिन में मिल रही है बिजली
वर्तमान में राजस्थान के तीन डिस्कॉम के तहत कुल 24 जिलों के किसान इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं:
| डिस्कॉम | जिलों की संख्या | जिले |
| जयपुर डिस्कॉम | 9 | धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, दौसा, करौली |
| अजमेर डिस्कॉम | 12 | अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर, चित्तौड़गढ, डूंगरपुर |
| जोधपुर डिस्कॉम | 3 | जालौर, सिरोही, पाली |
लक्ष्य 2027: मुख्यमंत्री का संकल्प है कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से किसानों को दिन में ही बिजली दी जाए, ताकि राजस्थान का कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।