राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की सत्ता पर निर्वाचित कार्यकारिणी के बजाय एक बार फिर ‘तदर्थ’ (Ad-hoc) व्यवस्था का ही कब्जा रहेगा। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने राजस्थान क्रीड़ा (संगमों का रजिस्ट्रीकरण, मान्यता और विनियमन) अधिनियम, 2005 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरसीए की एड-हॉक कमेटी का कार्यकाल 3 माह के लिए और बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद आरसीए में चुनाव की उम्मीद लगाए बैठे गुटों को एक बार फिर इंतजार करना होगा।
क्यों टले चुनाव?
आदेश के अनुसार, आरसीए में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने के लिए इससे पहले भी कई बार (2024 और 2025 में) कार्यकाल बढ़ाया गया था। लेकिन ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देते हुए अब तक चुनाव प्रक्रिया को संपन्न नहीं कराया जा सका है। वर्तमान में विधिक शून्यता (Legal Vacuum) की स्थिति से बचने के लिए रजिस्ट्रार ने पुरानी एड-हॉक कमेटी के स्थान पर नई कमेटी की नियुक्ति करते हुए उसे 3 महीने का विस्तार दिया है।
मोहित यादव का कद बरकरार, जोधपुर का दबदबा
नई कमेटी के गठन में समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। अलवर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित यादव को फिर से संयोजक (Coordinator) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई 5 सदस्यीय एड-हॉक कमेटी की संरचना:
- संयोजक: मोहित यादव (अलवर)
- सदस्य: धनंजय सिंह (जोधपुर)
- सदस्य: अरिष्ट सिंघवी (जोधपुर)
- सदस्य: आशीष तिवारी (सीकर)
- सदस्य: अर्जुन बेनीवाल (हनुमानगढ़)
इस कमेटी में जोधपुर जिला क्रिकेट संघ का दबदबा साफ़ दिख रहा है, जहाँ से दो सदस्यों को जगह मिली है।
3 महीने की ‘अंतिम’ समय-सीमा?
रजिस्ट्रार के आदेश में यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि इस तदर्थ कार्यकारी समिति को एसोसिएशन के उपनियमानुसार तीन माह के भीतर-भीतर निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया संपन्न करवानी होगी। खेल प्रेमियों और क्रिकेट जगत की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह नई कमेटी इस डेडलाइन का पालन कर पाएगी या विस्तार का यह सिलसिला आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
आरसीए में चल रही इस ‘एड-हॉक’ राजनीति ने राजस्थान के क्रिकेट भविष्य और आगामी घरेलू सत्र की तैयारियों पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।
