Rajasthan MAA Yojana: देशभर के 31 हजार अस्पतालों में राजस्थानियों का 25 लाख तक फ्री इलाज

राजस्थान के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेशवासी अब सिर्फ राजस्थान में ही नहीं, बल्कि देश भर के 31 हजार सरकारी और निजी अस्पतालों में 25 लाख रुपए तक का कैशलेस (मुफ्त) इलाज करा सकेंगे। इसमें छोटी-मोटी सर्जरी से लेकर गंभीर बीमारियों का इलाज तक शामिल है। यह सुविधा ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA)’ योजना के तहत दी जा रही है। शुरुआती तीन महीनों में ही दूसरे राज्यों में इलाज लेने वाले मरीजों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच चुका है।

क्या है ‘आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी’?

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में अब इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी (Inter-State Portability) लागू कर दी गई है। इसके तहत योजना में कवर होने वाला राजस्थान का मरीज दूसरे राज्य में जाकर इलाज ले सकता है, जिसे ‘आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी’ कहा जाता है। वहीं, दूसरे राज्य का मरीज राजस्थान आकर इलाज ले सकता है, जिसे ‘इनबाउंड पोर्टेबिलिटी’ कहा जाता है। गौरतलब है कि 19 दिसंबर 2025 से पहले मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में सिर्फ राजस्थान के अस्पताल में ही इलाज लेना संभव था। पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद से अब तक 1 हजार से ज्यादा मरीज देश के 15 राज्यों में स्थित अलग-अलग अस्पतालों में इसका लाभ ले चुके हैं।

इस तरह करा सकते हैं दूसरे राज्य में मुफ्त इलाज:

  • मान लीजिए आप किसी भी मकसद से दूसरे राज्य में हैं। अगर आप वहां बीमार पड़ गए और वहीं के हॉस्पिटल में इलाज कराना चाहते हैं, तो आपको उस हॉस्पिटल में अपना मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना का कार्ड दिखाना होगा।
  • हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर के जरिए आपके कार्ड का डेटा चेक करेगा।
  • वैलिड होने पर राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी से अप्रूवल मिलते ही आपका कैशलेस इलाज शुरू हो जाएगा।
  • जितने का मुफ्त इलाज राजस्थान में मिलता है, उसका लाभ वहां भी मिल जाएगा। बस शर्त यह है कि आप जिस राज्य के जिस हॉस्पिटल में इलाज करवाना चाहते हैं, उस हॉस्पिटल का राज्य या केंद्र की स्वास्थ्य योजना से अधिकृत (Empanelled) होना जरूरी है।

सबसे ज्यादा किन बीमारियों का लिया गया इलाज?

  • PTCA (हार्ट सर्जरी): दिल के मरीजों के लिए यह योजना जीवन रक्षक साबित हो रही है। अब तक 118 मरीजों ने दूसरे राज्यों में 1 करोड़ 24 लाख रुपए से ज्यादा का इलाज लिया है।
  • क्रोनिक हीमोडायलिसिस: किडनी रोगियों ने सबसे ज्यादा 136 बार डायलिसिस की सुविधा पोर्टेबिलिटी के तहत ली। इसके तहत 2 लाख 91 हजार रुपए का इलाज लिया गया।
  • गुर्दे की पथरी: आधुनिक तकनीक से पथरी निकालने के 42 मामलों में लगभग 19 लाख 56 हजार रुपए का लाभ उठाया गया।
  • लैप्रोस्कोपिक सर्जरी: पित्त की नली से संबंधित सर्जरी के 46 केस में 14 लाख रुपए का इलाज लिया गया।
  • सिजेरियन डिलीवरी: 41 गर्भवती महिलाओं ने दूसरे राज्यों में 5 लाख रुपए से ज्यादा का सुरक्षित प्रसव और इलाज लिया।

कैसे मिल रहा है यह लाभ? (केंद्र और राज्य का इंटीग्रेशन)

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (PMJAY) से इंटीग्रेट किया गया है। इसी कारण प्रदेश के बाहर देश के दूसरे राज्यों में PMJAY के तहत पंजीकृत 31,000 सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। खास बात यह है कि केंद्र की योजना में भले ही 5 लाख रुपए तक का प्रावधान है, लेकिन राजस्थान का निवासी होने के कारण लाभार्थी पूरे 25 लाख रुपए तक का इलाज ले सकता है।

योजना को और व्यापक बनाने के लिए इसमें पैकेजों की संख्या 1,806 से बढ़ाकर 2,179 कर दी गई है और सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या भी 1,761 से बढ़कर 1,945 हो चुकी है।

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