चिकित्सा क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर करते हुए राजस्थान एसओजी (SOG) ने कूटरचित (फर्जी) एफएमजीई (FMGE) प्रमाण पत्रों के जरिए डॉक्टर बनने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई में राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा और नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर समेत कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
25 से 35 लाख रुपए में होता था फर्जीवाड़े का सौदा
गिरफ्तार किए गए लोगों में विदेशों से डिग्री लेकर डॉक्टर बने 15 आरोपी और एक दलाल भी शामिल है। एसओजी की जांच में सामने आया है कि अधिकांश मामलों में एक फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के बदले में 25 लाख रुपए लिए जाते थे। कुछ मामलों में तो यह रकम 30 से 35 लाख रुपए तक भी वसूली गई।
कैसे हुआ खुलासा और पैसों का बंटवारा?
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों की शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई थी। करौली में इंटर्नशिप कर रहे आरोपी पीयूष त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। अब तक की जांच में 90 से अधिक ऐसे डॉक्टर चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया।
इस काली कमाई के बंटवारे में RMC अधिकारी प्रति प्रमाण पत्र 10 से 12 लाख रुपए लेते थे। फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले को 2 लाख रुपए दिए जाते थे और शेष बची हुई भारी-भरकम राशि दलाल आपस में बांट लेते थे।
अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे थे ‘फर्जी’ डॉक्टर
डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि यह गिरोह आमजन की जान के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहा था। उदयपुर से पकड़े गए आरोपी डॉ. यश पुरोहित का एक निजी अस्पताल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चिकित्सक के रूप में बाकायदा कार्य करने का मामला भी सामने आया है, जिसे पुलिस ने बेहद गंभीर आपराधिक कृत्य माना है।
21 टीमों की 7 जिलों में एक साथ दबिश
इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एसओजी की 7 टीमें और 7 जिलों की 14 पुलिस टीमों (कुल 21 टीमों) ने समन्वय के साथ जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, धौलपुर, कोटपूतली, अलवर और करौली में एक साथ दबिश दी। सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जयपुर एसओजी मुख्यालय लाया गया है। एसओजी का कहना है कि इस मामले में अभी और भी कई डॉक्टरों की गिरफ्तारी होगी।
आमजन ऐसे करें असली-फर्जी डॉक्टर की पहचान
एसओजी ने आमजन से अपील की है कि वे सतर्क रहें। किसी भी डॉक्टर से इलाज करवाने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन नंबर RMC की आधिकारिक वेबसाइट (https://rudrp.rajasthan.gov.in/rmc/find-doctor) पर जाकर अवश्य जांच लें, ताकि फर्जी डॉक्टरों के चंगुल से बचा जा सके।
गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों की सूची:
- राजेश शर्मा (RMC के तत्कालीन रजिस्ट्रार, अजमेर)
- अखिलेश माथुर (RMC के तत्कालीन नोडल ऑफिसर, जयपुर)
- विनय चौहान (धौलपुर)
- यश पुरोहित (उदयपुर)
- प्रतीक चौधरी (झुंझुनूं)
- नरेन्द्र सिंह (झुंझुनूं)
- दयाराम गुर्जर (झुंझुनूं)
- मनीष चंदेला (अलवर)
- श्रवण लामरोर (जोधपुर)
- रवि कुमार गुर्जर (करौली)
- करण सिंह गुर्जर (सीकर)
- अविनाश सैनी (अलवर)
- विक्की सामोता (सीकर)
- दिनेश कुमार (सीकर)
- ईश्वर यादव (बहरोड़)
- विकास यादव (कोटपूतली)
- दीपेश यादव (कोटपूतली)
- संकेत टेलर (बांसवाड़ा)
