RGHS Rajasthan Update: 25 मार्च से बंद हो सकती है फ्री दवा सुविधा, लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा असर

जयपुर: राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम’ (RGHS) इस समय गंभीर भुगतान संकट से गुजर रही है। इस योजना के तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली कैशलेस (Cashless) इलाज और मुफ्त दवाओं की सुविधा 25 मार्च (बुधवार) से खटाई में पड़ सकती है।

योजना से जुड़े अस्पतालों और फार्मेसी इकाइयों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण यह संकट खड़ा हुआ है।

क्या है विवाद और ‘राहा’ की चेतावनी?

RGHS योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों और फार्मेसी संगठनों के समूह ‘राजस्थान एलायंस ऑफ हॉस्पिटल एसोसिएशंस’ (RAHA) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

  • भुगतान अटका: राहा का आरोप है कि पिछले 7 से 9 महीनों से सरकार की तरफ से उनका करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है।
  • अस्थायी रोक की चेतावनी: भुगतान न होने के कारण संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो 25 मार्च से जयपुर में योजना के तहत चल रही ओपीडी फार्मेसी (OPD Pharmacy) में कैशलेस दवाओं की सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।

मरीजों और विशेषकर पेंशनर्स पर पड़ेगा भारी असर

अगर 25 मार्च से यह सुविधा बंद होती है, तो इसका सबसे बड़ा और सीधा असर उन मरीजों पर पड़ेगा जो अपनी दैनिक दिनचर्या में नियमित रूप से दवाओं पर निर्भर हैं। विशेषकर बुजुर्ग पेंशनर्स, जो इस योजना के तहत महंगी दवाएं मुफ्त या कैशलेस प्राप्त करते हैं, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कैशलेस सुविधा बंद होने की स्थिति में उन्हें अपनी जेब से नकद पैसे देकर दवाएं खरीदनी पड़ेंगी, जिससे उनका मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ सकता है।

अस्पतालों की दलील: ‘विरोध नहीं, यह हमारी मजबूरी है’

राहा ने स्पष्ट किया है कि कैशलेस दवाएं बंद करने का यह कदम किसी ‘विरोध प्रदर्शन’ का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उनकी ‘आर्थिक मजबूरी’ है। संगठन का कहना है कि बार-बार मांग करने और पत्राचार के बावजूद सरकार ने लंबित भुगतान क्लियर नहीं किया है। लंबे समय से पेमेंट अटके रहने के कारण अब अस्पतालों और फार्मेसी इकाइयों पर भारी आर्थिक दबाव आ गया है और उनके लिए वेंडर्स को पैसे चुकाना और स्टॉक मेंटेन करना असंभव होता जा रहा है।

सरकार से प्रमुख मांगें:

संस्था ने राज्य सरकार से अपील की है कि:

  1. लंबित भुगतान (Pending Dues) का तुरंत निस्तारण किया जाए।
  2. भविष्य के लिए एक ‘समयबद्ध भुगतान प्रणाली’ (Time-bound Payment System) लागू की जाए।

राहा का कहना है कि यदि सरकार समय पर भुगतान सुनिश्चित कर दे, तो योजना को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलाया जा सकता है और मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।

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