बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो सरकारी अधिकारियों को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । पकड़े गए आरोपियों में तहसील कार्यालय का वरिष्ठ सहायक और कोष कार्यालय (ट्रेजरी) का सहायक प्रशासनिक अधिकारी शामिल है । यह रिश्वत एक ई-मित्र संचालक से पुलिस केस न करने की एवज में मांगी गई थी ।
क्या है पूरा मामला?
एसीबी को दी गई शिकायत में बड़गांव स्थित ‘स्वास्तिक ई-मित्र’ के संचालक मनोज वैष्णव ने बताया कि साल 2024 में जितेन्द्र नामक व्यक्ति ने उनके यहां से मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र का आवेदन किया था । साल 2026 में जितेन्द्र ने किसी अन्य ई-मित्र से दोबारा आवेदन किया, जिसकी जांच तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा के पास आई । कचरू कटारा ने परिवादी मनोज को कॉल कर धमकाया कि 2024 वाले फॉर्म पर उसने पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं और इसके खिलाफ वह पुलिस में मुकदमा दर्ज कराएगा । मुकदमा दर्ज न करने और मामला ‘सेटल’ करने के लिए कचरू कटारा ने 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की ।
शातिर बाबू ने बोलकर नहीं, मोबाइल पर टाइप कर मांगी थी घूस
परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने 26 और 27 फरवरी 2026 को शिकायत का सत्यापन किया । इस दौरान आरोपी कचरू कटारा ने बड़ी ही शातिरता दिखाते हुए रिश्वत की मांग बोलकर नहीं की, बल्कि अपने मोबाइल फोन पर ‘10,000’ टाइप करके परिवादी को दिखाया और होली के बाद नकद राशि लाने को कहा ।
दूसरे ऑफिस में ले जाकर दिलवाई रकम, दराज से हुई बरामदगी
9 मार्च 2026 को एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई । जब परिवादी रिश्वत लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा, तो कचरू उसे वहां से बाहर ले गया और कोष कार्यालय (ट्रेजरी) की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कक्ष में ले गया । वहां कचरू ने अपने हाथों से 10 हजार रुपये लिए और कुर्सी पर बैठे अधिकारी मिलन भट्ट (सहायक प्रशासनिक अधिकारी) को पकड़ा दिए । कचरू वहां से चला गया, और मिलन भट्ट ने वह राशि अपनी टेबल की निचली दराज में रद्दी कागजों के बीच छिपा दी ।
हाथ धुलवाए तो गुलाबी हुआ पानी
इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने दबिश दी और मिलन भट्ट की दराज से 10,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली । इसके बाद तहसील कार्यालय से कचरू कटारा को भी हिरासत में लिया गया । जब दोनों आरोपियों के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाए गए, तो मिलन भट्ट के हाथों का रंग गुलाबी और कचरू कटारा के हाथों का रंग मटमैला हो गया, जिससे रिश्वत के लेन-देन की पुष्टि हो गई ।
एसीबी ने दोनों आरोपियों, कचरू कटारा (निवासी तलवाड़ा) और मिलन भट्ट (निवासी अरथुना), को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत गिरफ्तार कर लिया है ।
