जयपुर: राजस्थान में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट ले रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD), जयपुर ने प्रदेशवासियों और विशेषकर किसानों के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। 18 से 20 मार्च के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
इस सिस्टम का सर्वाधिक असर 20 मार्च को देखने को मिलेगा, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
क्या है मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान?
- आज (18 मार्च) का असर: दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और इसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन (परिसंचरण तंत्र) बन रहा है। इसके प्रभाव से जोधपुर और बीकानेर संभाग के साथ-साथ शेखावाटी क्षेत्र में आज मेघगर्जन, तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
- हवाओं की रफ्तार: आगामी तीन दिनों तक प्रदेश के प्रभावित भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ (आंधी) चलने का अनुमान है।
- 19 और 20 मार्च का हाल: उत्तर-पूर्वी इलाकों में सिस्टम के और अधिक मजबूत होने से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। इन दो दिनों में कई इलाकों में तेज बौछारें और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की पूरी आशंका है।
आज इन 7 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने बुधवार (18 मार्च) के लिए विशेष तौर पर झुंझुनूं, सीकर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर और फलोदी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आज 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की गति से झोंकेदार तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है।
किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी (चेतावनी)
वर्तमान में खेतों में रबी की फसल (गेहूं, सरसों, चना आदि) कटाई के चरण में है या पक कर पूरी तरह तैयार है। ऐसे में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और विशेषकर ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सख्त सलाह दी है कि वे अपनी पकी हुई और कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और जल्द से जल्द उसका सुरक्षित स्थानों पर भंडारण कर लें।
