रील लाइफ का ‘हीरो’ रीयल लाइफ में ‘विलेन’: 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते ASI गिरफ्तार, रेप की कोशिश के केस में मांगी थी घूस

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की उदयपुर टीम ने रविवार शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतापनगर थाने के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सुनील बिश्नोई को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार एएसआई ने एक क्षेत्रीय फिल्म में बेहद ईमानदार और जांबाज पुलिसकर्मी का किरदार निभाया था, लेकिन असल जिंदगी में वह खाकी को दागदार करते हुए दबोचा गया।


ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में हुआ ‘क्लाइमेक्स’

एसीबी के एडिशनल एसपी अनंत कुमार के अनुसार, आरोपी एएसआई एक गंभीर मामले को दबाने और शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलने की फिराक में था।

  • घूस की वजह: एक महिला ने थाने में रेप की कोशिश और छेड़छाड़ की लिखित शिकायत दी थी। एएसआई सुनील बिश्नोई ने इस शिकायत पर मुकदमा दर्ज न करने (मामले को दबाने) की एवज में घूस की डिमांड की थी।
  • फंसाने की धमकी: रिश्वत न देने पर आरोपी एएसआई शिकायतकर्ता को ही गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दे रहा था, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी की शरण ली।
  • ट्रैप का जाल: एसीबी के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने एएसआई को शोभागपुरा स्थित ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में पैसे देने के लिए बुलाया। जैसे ही एएसआई ने 1 लाख रुपए हाथ में लिए, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया।

[आरोपी का प्रोफाइल: रील बनाम रीयल]

मापदंडरील लाइफ (फिल्म ‘सागवान’)रीयल लाइफ (हकीकत)
किरदार/छविअंधविश्वास के खिलाफ लड़ने वाला जांबाज व ईमानदार अफसर।रेप की कोशिश जैसे गंभीर मामले को दबाने के लिए घूसखोर।
कार्रवाईअपराध की गुत्थियां सुलझाना।1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार।
अतीत का ट्रैक रिकॉर्डप्रतापगढ़ की वास्तविक घटना पर आधारित फिल्म के जरिए पहचान।लापरवाही के कारण पूर्व में लाइन हाजिर और विभागीय जांच।

विवादों से पुराना नाता: पहले भी हो चुके हैं लाइन हाजिर

गिरफ्तार एएसआई सुनील बिश्नोई का विवादों और लापरवाही से पुराना नाता रहा है। एसीबी और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक:

  • सितंबर 2025 (सुखेर थाना): आरडीएक्स क्लब एंड बार में बाउंसर्स द्वारा 6 ग्राहकों से मारपीट के मामले में कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगे थे। लापरवाही पर एसपी ने इन्हें हटाकर डीएसपी ऑफिस वेस्ट में अटैच किया था।
  • अक्टूबर 2025: एक अन्य मामले में घोर लापरवाही सामने आने के बाद सुनील बिश्नोई को लाइन हाजिर किया गया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच (DE) भी लंबित है।

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