जयपुर: राजस्थान के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत नि:शुल्क प्रवेश की बहुप्रतीक्षित लॉटरी प्रक्रिया गुरुवार दोपहर जयपुर के शिक्षा संकुल में संपन्न हुई। इस लॉटरी के माध्यम से राज्यभर के लगभग 33,548 निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की प्राथमिकता का क्रम निर्धारित कर दिया गया है। पूर्व में लॉटरी सुबह 11:30 बजे घोषित होनी थी, जिसे बदलकर शाम 4:00 बजे किया गया था, लेकिन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए दोपहर 1:00 बजे ही परिणाम जारी कर दिए। अभिभावक अब ई-मित्र के माध्यम से लॉटरी में अपने बच्चे का वरीयता क्रम देख सकते हैं।
6.34 लाख आवेदन और चार श्रेणियों में प्रवेश
इस वर्ष आरटीई के तहत प्रवेश के लिए पूरे राज्य से रिकॉर्ड 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। शिक्षा विभाग ने इस बार चार श्रेणियों—पीपी-3 प्लस (नर्सरी), पीपी-4 प्लस (एलकेजी), पीपी-5 प्लस (यूकेजी) और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे थे। नियमों के अनुसार, नर्सरी कक्षा की 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अन्य कक्षाओं में रिक्त सीटों पर वरीयता के आधार पर एडमिशन होंगे। आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होकर 10 मार्च तक चली थी।
दस्तावेज सत्यापन और वार्ड प्राथमिकता
लॉटरी के बाद अब चयनित विद्यार्थियों के अभिभावकों को संबंधित स्कूलों में जाकर मूल दस्तावेज जमा कराने होंगे। स्कूल प्रबंधन इन दस्तावेजों का गहन सत्यापन करेगा। उल्लेखनीय है कि यदि बच्चा उसी नगर निगम वार्ड का निवासी है जहाँ स्कूल स्थित है, तो उसे प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। बाहरी वार्ड के मामलों में आपत्ति दर्ज होने पर संबंधित कार्यालय द्वारा उसका निस्तारण किया जाएगा । सभी सफल विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई 1 अप्रैल 2026 से शुरू कर दी जाएगी।
फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने इस बार आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। फर्जी दस्तावेज पेश करने वालों के खिलाफ स्कूल प्रबंधन द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाई जा सकती है। इसी पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इस बार पैन कार्ड धारकों से अनिवार्य रूप से पैन नंबर भी मांगे गए हैं। दूसरी ओर, निजी स्कूल संचालकों ने सरकार द्वारा पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) की फीस का पुनर्भुगतान नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की है और समय पर भुगतान की मांग उठाई है
