पेयजल संकट पर सरकार का कड़ा एक्शन: जलदाय विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से कैंसिल

जयपुर: प्रदेश में भीषण गर्मी की आहट और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आमजन को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए जलदाय विभाग के सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्म ऋतु-2026 के दौरान पूरे प्रदेश में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु राज्य स्तर के साथ-साथ हर जिले में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित कर दिए गए हैं।

पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों की स्वीकृति राज्य सरकार ने प्रदेश के 41 जिलों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खजाना खोल दिया है:

  • शहरी क्षेत्रों के लिए: 55.88 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: 154.83 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।

टैंकरों से जल आपूर्ति के लिए अलग से बजट

गर्मियों में जहां पानी की पाइपलाइन नहीं है या जल स्रोत सूख जाते हैं, वहां परिवहन (टैंकरों) के माध्यम से पानी पहुंचाने की विशेष व्यवस्था की गई है। 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक की आवश्यकता को देखते हुए शहरी क्षेत्रों के लिए 23 करोड़ रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 82.37 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

निगरानी के लिए किराए के वाहन और श्रमिक मंजूर

गर्मियों के सीजन में पेयजल आपूर्ति की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए सरकार ने विशेष स्वीकृति जारी की है:

  • 1 मार्च से 31 मार्च: 500 श्रमिक और 100 किराए के वाहन प्रतिमाह।
  • 1 अप्रैल से 30 अप्रैल: 2000 श्रमिक और 400 किराए के वाहन प्रतिमाह।
  • 1 मई से 31 जुलाई: 2500 श्रमिक और 450 किराए के वाहन प्रतिमाह।

आपात कार्यों के लिए हर जिले को 1-1 करोड़

किसी भी आपात स्थिति से निपटने और जल आपूर्ति से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए प्रत्येक जिले को 1-1 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति दी गई है। जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता ये कार्य तुरंत करा सकेंगे। इसके अलावा, ‘जल जीवन मिशन’ के तहत पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए भी प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित न हो।

फील्ड में उपस्थिति अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी फील्ड अधिकारियों की मौके पर उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। अवकाश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और केवल बेहद अपरिहार्य (इमरजेंसी) स्थिति होने पर ही उच्च स्तर की अनुमति से छुट्टी मिल सकेगी।

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