जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर अब वैश्विक चिकित्सा मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने जा रही है। जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ‘चरक भवन’ में देश का पहला और लंदन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे उन्नत ‘इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी’ (International Institute of Dermatology) बनकर तैयार हो गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने शनिवार को संस्थान का निरीक्षण कर इसे जल्द से जल्द आमजन के लिए शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस संस्थान के शुरू होने से अब प्रदेशवासियों को चर्म रोगों और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के लिए दिल्ली, मुंबई या विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
निजी अस्पतालों के लाखों का इलाज अब न्यूनतम दर पर
आमतौर पर हेयर ट्रांसप्लांट, लेजर ट्रीटमेंट और स्किन टाइटनिंग जैसी सुविधाओं के लिए निजी क्लीनिकों में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन जयपुर के इस सरकारी संस्थान में यही अत्याधुनिक सुविधाएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध होंगी। यह मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
अत्याधुनिक मशीनें और सुविधाएं
यह संस्थान तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि यहाँ 6 प्रकार की विश्वस्तरीय लेजर मशीनें स्थापित की गई हैं:
- एडवांस लेजर: डायोड लेजर, फ्रेक्शनल $CO_2$ लेजर, एक्साइमर लेजर, एनडी-याग और अलेकजन ड्राइड लेजर। ये मशीनें जन्मजात कॉस्मेटिक विकारों को ठीक करने में सक्षम हैं।
- हेयर ट्रीटमेंट: संस्थान में PRP पद्धति द्वारा बाल उगाने की आधुनिक सुविधा मिलेगी।
- एंटी-एजिंग: हाइफू (HIFU) मशीन के जरिए बिना सर्जरी स्किन टाइट करने और झुर्रियां हटाने का इलाज होगा।
- गंभीर बीमारियां: सफेद दाग (Vitiligo) और सोरायसिस का लेजर पद्धति से सफल इलाज किया जाएगा।
वैश्विक स्तर का उत्कृष्ट केंद्र
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, यह संस्थान न केवल इलाज बल्कि डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान (Research) और प्रशिक्षण के लिए भी एक उत्कृष्ट केंद्र (Center of Excellence) बनेगा। रेडियो फ्रीक्वेंसी और कायो जैसी तकनीकों से जटिल चर्म रोगों का निवारण भी यहाँ संभव होगा।
