अजमेर: अजमेर के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ दो शिक्षकों द्वारा स्कूल की छात्राओं को आपत्तिजनक मोबाइल मैसेज भेजने और छेड़छाड़ करने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी शिक्षक अभी फरार चल रहा है। दोनों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार, स्कूल में पढ़ने वाली दो छात्राओं ने अपने परिजनों को बताया था कि दो शिक्षक उनके मोबाइल पर आपत्तिजनक और फूहड़ संदेश भेजते हैं तथा उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। इस बात की जानकारी मिलने पर 24 जुलाई को परिजन छात्राओं को लेकर स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य से इसकी शिकायत की तथा संबंधित थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और एक शिक्षक को धर दबोचा। फरार चल रहे दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
प्राचार्य पर लगे लीपापोती और मामले को दबाने के आरोप
इस पूरे प्रकरण में स्कूल की महिला प्राचार्य की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। परिजनों का आरोप है कि छात्राओं ने जब पहली बार यह घटना प्राचार्य को बताई थी, तो उन्होंने कोई एक्शन लेने के बजाय दोनों छात्राओं को डांटकर वापस भेज दिया था। बाद में जब परिजन स्कूल पहुंचे और कड़ा विरोध जताया, तब मोबाइल की चैट जांचने के बाद मामले की सच्चाई सामने आई। इसके बाद पूरी रिपोर्ट ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई।
दोनों शिक्षक और प्राचार्य हुए निलंबित
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद संयुक्त निदेशक महावीर प्रसाद शर्मा ने त्वरित कदम उठाते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, छात्राओं की शिकायत पर समय रहते उचित कार्रवाई न करने और घोर लापरवाही बरतने के आरोप में महिला प्राचार्य को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस और शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले की तह तक जाने के लिए अपने स्तर पर आगे की जांच कर रहे हैं।