भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने वैश्विक स्तर पर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे अब तक अमेरिका, चीन या रूस जैसे महाशक्तिशाली देश भी हासिल नहीं कर पाए थे। भारत दुनिया का पहला और एकमात्र देश बन गया है, जो इलेक्ट्रिक इंजन (Electric Traction) के साथ डबल डेकर मालगाड़ी (Double Stack Container Train) का परिचालन कर रहा है।
यह उपलब्धि भारत की इंजीनियरिंग कौशल और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बढ़ती ताकत का जीता-जागता सबूत है।
डीजल नहीं, बिजली से दौड़ रही ‘डबल डेकर’
अब तक दुनिया के अन्य देशों में डबल डेकर (एक के ऊपर एक कंटेनर) मालगाड़ियाँ केवल डीजल इंजनों से चलाई जाती थीं, क्योंकि बिजली के तारों (OHE) की ऊंचाई एक बाधा थी। लेकिन भारतीय इंजीनियरों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) पर इतिहास रच दिया।
- तकनीकी चमत्कार: इसके लिए रेलवे ने दुनिया के सबसे ऊंचे हाई-राइज ओवर हेड इक्विपमेंट (High-Rise OHE) का निर्माण किया।
- 7.57 मीटर ऊंचा पैंटोग्राफ: इलेक्ट्रिक इंजन को करंट देने वाला पैंटोग्राफ 7.57 मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुँचकर बिजली लेता है, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को फायदा
इस तकनीक के लागू होने से भारत को दोहरे फायदे हो रहे हैं:
- ईंधन की बचत: डीजल की जगह बिजली के इस्तेमाल से करोड़ों रुपयों की विदेशी मुद्रा बच रही है और प्रदूषण भी कम हो रहा है। यह पूरी तरह से ‘ग्रीन लॉजिस्टिक्स’ की ओर एक बड़ा कदम है।
- दोगुनी क्षमता: एक ही ट्रेन में दोगुना माल (डबल स्टैक) ले जाने से समय और लागत दोनों की बचत हो रही है, जिससे भारतीय उद्योगों को माल ढुलाई में बड़ी राहत मिली है।
दुनिया मान रही भारत का लोहा
जहाँ दुनिया के कई विकसित देश अभी भी अपनी मालगाड़ियों के लिए डीजल पर निर्भर हैं, वहीं भारत ने 100% विद्युतीकरण (Electrification) की दिशा में बढ़ते हुए यह अनोखा कारनामा कर दिखाया है। यह न केवल भारतीय रेलवे के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
