राजस्थान निकाय चुनाव 2026: भाजपा-कांग्रेस में छिड़ा वाकयुद्ध, जानें कब हो सकते हैं प्रदेश में चुनाव

जयपुर: राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा हार के डर से चुनाव टालने की कोशिश कर रही है। वहीं, सरकार की ओर से मंत्री जोगाराम पटेल ने पलटवार करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव कराए जाएंगे।

‘ओबीसी आयोग को बना रखा है कठपुतली’

सीकर में मीडिया से बातचीत करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार ने ओबीसी आयोग को “कठपुतली और पंगु” बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर आयोग को जरूरी डेटा और संसाधन उपलब्ध नहीं करा रही है ताकि सर्वे रिपोर्ट में देरी हो और चुनाव टाले जा सकें। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा, “देखना है बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी, भाजपा आखिर कब तक चुनाव से बचती रहेगी।”

‘पर्ची सरकार’ और दिल्ली का दखल

डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘पर्ची से बना मुख्यमंत्री’ करार दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता न होने के कारण सरकार हर छोटे-बड़े फैसले के लिए दिल्ली की ओर देखती है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की पदयात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री घूमने में व्यस्त हैं जबकि स्कूलों में न किताबें हैं और न ही स्टाफ।

प्रदेश में गहराया गैस संकट

पीसीसी चीफ ने राज्य में चल रहे गैस संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडरों की भारी कालाबाजारी हो रही है।

“900-950 रुपये का सिलेंडर आज 1500 रुपये में मिल रहा है। स्काउट आवासीय स्कूलों तक में बच्चों के खाने के लाले पड़ रहे हैं। प्रशासन पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है।” – गोविंद सिंह डोटासरा

सरकार का पलटवार: 15 अप्रैल तक चुनाव के संकेत

दूसरी ओर, जोधपुर में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा:

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए ‘त्रिस्तरीय जांच’ (Triple Test) अनिवार्य है, जिसे सरकार पूरा कर रही है।
  • कांग्रेस की विफलता: पटेल ने आरोप लगाया कि पिछली गहलोत सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन ही नहीं किया था, जिसे वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता से बनाया।
  • चुनाव की तारीख: मंत्री ने संकेत दिए कि पंचायत चुनाव संभवतः 15 अप्रैल के आसपास कराए जा सकते हैं।

डोटासरा ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो सरकार को कंटेम्प्ट नोटिस (मानहानि नोटिस) का सामना करना पड़ सकता है।

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