राजस्थान बनेगा डिफेंस हब: भजनलाल सरकार की नई पॉलिसी लॉन्च; 1000 करोड़ से ज्यादा के निवेश पर ‘अल्ट्रा मेगा’ प्रोजेक्ट का दर्जा, मिलेंगे ये बड़े फायदे

जयपुर: राजस्थान अब अपनी पहचान पर्यटन और संस्कृति से आगे बढ़ाकर देश के रक्षा क्षेत्र में मजबूती से दर्ज कराने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बुधवार को महत्वाकांक्षी ‘राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस पॉलिसी’ लॉन्च कर दी है। इस नीति का मुख्य ध्येय प्रदेश को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है। सरकार ने इसके लिए एमएसएमई, स्टार्टअप्स और बड़े निवेशकों के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है, ताकि रक्षा उत्पादन में राज्य का योगदान बढ़ सके और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

निवेश के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकरण

इस नई नीति के तहत सरकार ने विनिर्माण और सर्विस सेक्टर के प्रोजेक्ट्स को उनके निवेश के आकार के आधार पर तीन श्रेणियों—लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा—में बांटा है।

  • विनिर्माण (Manufacturing): 50 से 300 करोड़ रुपये तक ‘लार्ज’, 300 से 1000 करोड़ तक ‘मेगा’ और 1000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर ‘अल्ट्रा मेगा’ श्रेणी मानी जाएगी।
  • सर्विस सेक्टर: 25 से 100 करोड़ तक ‘लार्ज’, 100 से 250 करोड़ तक ‘मेगा’ और 250 करोड़ से ऊपर ‘अल्ट्रा मेगा’ प्रोजेक्ट माने जाएंगे।

सब्सिडी और छूट का पूरा गणित

निवेशकों को लुभाने के लिए सरकार ने सब्सिडी की झड़ी लगा दी है। एयरोस्पेस और डिफेंस पार्कों में लगने वाली इकाइयों को 7 वर्षों तक स्टेट जीएसटी (SGST) का 75 फीसदी हिस्सा पुनर्भरण (Reimbursement) के रूप में वापस मिल जाएगा। इसके अलावा, विनिर्माण इकाइयों को 10 वर्षों में 20 से 28 प्रतिशत और सर्विस सेक्टर को 14 से 20 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। निवेशक चाहें तो टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन का विकल्प भी चुन सकते हैं।

सरकार ने विशेष परिस्थितियों के लिए ‘बूस्टर’ लाभों का भी प्रावधान किया है। यदि कोई यूनिट ज्यादा रोजगार पैदा करती है, तो उसे 10 से 15 प्रतिशत ‘एम्प्लॉयमेंट बूस्टर’ मिलेगा। वहीं, राज्य में लगने वाली पहली तीन मेगा या अल्ट्रा मेगा इकाइयों को 25 प्रतिशत ‘सनराइज बूस्टर’ का अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।

बिजली और जमीन में बड़ी राहत

उद्योगों की परिचालन लागत कम करने के लिए सरकार ने बिजली शुल्क (Electricity Duty) में 7 साल तक 100 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। इसके साथ ही रीको (RIICO) से जमीन लेने वाले मेगा और अल्ट्रा मेगा उद्यमों को जमीन की कीमत चुकाने के लिए 10 साल का समय (Flexible Land Payment) मिलेगा। ऑफिस स्पेस के लिए भी 5 साल तक 25 फीसदी लीज रेंटल सब्सिडी दी जाएगी। मंडी शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी और लैंड कन्वर्जन चार्ज में भी भारी रियायतें और रिफंड की व्यवस्था की गई है, जो इस पॉलिसी को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाती है।

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