नेशनल हाईवे किनारे 50 मीटर पर अवैध खनन: बूंदी के डाबी में नियमों का कत्लेआम, जनवरी की मौत से भी नहीं सीखा विभाग

बूंदी/डाबी। बूंदी जिले का डाबी क्षेत्र, जो कभी अपने उच्च गुणवत्ता वाले सैंड स्टोन के लिए मशहूर था, आज अवैध खनन और जानलेवा ब्लास्टिंग का डरावना अड्डा बन चुका है। नेशनल हाईवे 27 (कोटा-चित्तौड़ मार्ग) पर नियमों को ठेंगा दिखाकर सर्विस रोड के ठीक किनारे चल रहे इस ‘खूनी खेल’ ने राहगीरों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है। प्रशासन और खनन माफिया की इस कथित मिलीभगत का नतीजा निर्दोष लोग अपनी जान देकर भुगत रहे हैं।

जनवरी का वो खौफनाक हादसा: जब पत्थर बना काल

खनन माफियाओं की बेखौफी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही के दौरान ही भारी ब्लास्टिंग की जाती है। इसी साल जनवरी में गुजरात से कुंभ मेले जा रहे एक कार चालक की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिए थे। ब्लास्टिंग के कारण उछला एक विशाल पत्थर कार का शीशा तोड़ते हुए अंदर जा घुसा, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे के बावजूद विभाग ने केवल खानापूर्ति की और कुछ खानों को सीज कर मामला रफा-दफा कर दिया।

नियमों की सरेआम धज्जियां: 100 मीटर का नियम, 50 मीटर पर खनन

एनजीटी (NGT) और खान विभाग के स्पष्ट आदेशों के बावजूद डाबी क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का नामों-निशान नहीं है:

  • दूरी का उल्लंघन: नियम के मुताबिक नेशनल हाईवे से 100 मीटर की दूरी तक खनन प्रतिबंधित है, लेकिन यहाँ सर्विस रोड से महज 50 मीटर पर ही गहरे मौत के कुएं (गड्ढे) खोद दिए गए हैं।
  • अवैध ब्लास्टिंग: हाईवे के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग के लिए विशेष सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, लेकिन यहाँ खुलेआम बिना किसी सुरक्षा घेरे के धमाके किए जा रहे हैं।
  • गहराई और सुरक्षा: डाबी-थड़ी रोड के दोनों ओर सैकड़ों फीट गहरे गड्ढे हैं, जहाँ सुरक्षा के नाम पर केवल नाममात्र के पत्थर रखे गए हैं।

साठगांठ का बड़ा खेल: रेड से पहले ही मिल जाती है सूचना

क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि अजमेर मंडल खान सुरक्षा विभाग और स्थानीय खनिज विभाग के अधिकारियों की माफियाओं के साथ गहरी सेटिंग है। आरोप है कि अधिकारियों को समय पर ‘राजस्व’ (मासिक रिश्वत) पहुंच जाता है। यही कारण है कि किसी भी निरीक्षण या कार्रवाई से पहले ही माफियाओं को सूचना दे दी जाती है और वे सतर्क हो जाते हैं। जब इस बारे में खनिज अभियंता पी.एल. सोराया से संपर्क किया गया, तो उन्होंने नियमों की बात तो की, लेकिन मौके पर हो रहे उल्लंघन पर कोई ठोस जवाब नहीं दे सके।

माइनिंग मैनुअल: क्या कहते हैं नियम?

श्रेणीसड़क/सीमा से न्यूनतम दूरीब्लास्टिंग संबंधी नियम
नेशनल हाईवे (NH)100 मीटर500 मीटर के भीतर विशेष अनुमति अनिवार्य
स्टेट हाईवे/जिला रोड50–100 मीटर200–500 मीटर के दायरे में प्रतिबंध
आवासीय क्षेत्र200 मीटरधमाके के समय 300–500 मीटर की सुरक्षित दूरी
रेलवे लाइन50–100 मीटररेलवे सुरक्षा विभाग की NOC आवश्यक

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