राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य में एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश की राजधानी जयपुर को बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी से जोड़ने के लिए बहुप्रतीक्षित ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे’ को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। लगभग 11,492 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट करीब 350 से 400 किलोमीटर लंबा होगा, जो न केवल पश्चिमी राजस्थान को राजधानी से सीधे जोड़ेगा बल्कि यात्रा के समय में भी भारी कमी लाएगा। इस एक्सप्रेस-वे का मार्ग जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों से होते हुए पचपदरा तक पहुंचेगा। वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है और भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक प्रक्रिया भी गति पकड़ चुकी है।
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण से न केवल आम जनता के लिए यात्रा सुगम होगी, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘ग्रोथ इंजन’ का काम करेगा। पचपदरा रिफाइनरी को सीधी कनेक्टिविटी मिलने से रिफाइनरी उत्पादों और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को एक मजबूत आधार मिलेगा, जिससे परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। विशेष रूप से यह एक्सप्रेस-वे जोधपुर-पाली क्षेत्र के रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के पश्चिमी राजस्थान वाले हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे न केवल निवेश के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि मार्ग के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। राजस्थान सरकार और केंद्र का यह संयुक्त विजन आने वाले वर्षों में प्रदेश को लॉजिस्टिक और विनिर्माण क्षेत्र में देश का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
