नई दिल्ली – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में अपना लगातार नौवां बजट (अंतरिम सहित) पेश कर इतिहास रच दिया। ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पेश किए गए इस बजट में सरकार ने ‘सुधार एक्सप्रेस’ की रफ्तार को और तेज कर दिया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत ने राजकोषीय अनुशासन का परिचय देते हुए घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य घटाकर 4.3% कर दिया है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। बजट का मुख्य फोकस तीन स्तंभों पर रहा—आर्थिक वृद्धि, नागरिक आकांक्षाएं और समावेशी विकास।
नया आयकर अधिनियम 2025: 6 दशक पुराना कानून होगा खत्म
मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए सबसे बड़ी खबर ‘नया आयकर अधिनियम 2025’ है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 1 अप्रैल, 2026 से 1961 का पुराना आयकर कानून खत्म हो जाएगा। नया कानून सरल, सुगम और आधुनिक होगा। हालांकि यह ‘राजस्व-तटस्थ’ (Revenue Neutral) रहेगा, लेकिन इसकी धाराओं को 50% तक कम कर दिया जाएगा, जिससे लिटिगेशन कम होंगे। अब संशोधित रिटर्न (Revised Return) भरने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
विदेश जाना और पढ़ना हुआ सस्ता, लेकिन शेयर बाजार पर झटका
मध्यम वर्ग को एक और बड़ी राहत देते हुए सरकार ने ओवरसीज टूर पैकेज और पढ़ाई-इलाज के लिए विदेश पैसे भेजने पर टीसीएस (TCS) की दर 5-20% से घटाकर सीधे 2% कर दिया है। दूसरी तरफ, शेयर बाजार के निवेशकों को झटका लगा है। वायदा-विकल्प (F&O) पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) को बढ़ाकर क्रमशः 0.05% और 0.15% कर दिया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: 7 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और रिकॉर्ड बजट
बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। देश में कनेक्टिविटी क्रांति के तहत 7 नए हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर का ऐलान किया गया है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी प्रमुख हैं।
मनरेगा युग का अंत, अब ‘राम’ (RAM-G) राज
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव करते हुए सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) की जगह अब ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G कानून लाने की घोषणा की है। यह योजना केवल गड्ढे खोदने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका फोकस स्थायी आजीविका और स्किल डेवलपमेंट पर होगा।
किसानों को AI का साथ और MSME को बूस्टर
किसानों के लिए ‘भारत विस्तार’ नामक बहुभाषी एआई (AI) टूल लॉन्च किया जाएगा, जो खेती और मौसम की सटीक जानकारी देगा। वहीं, छोटे उद्योगों (MSME) के लिए ₹10,000 करोड़ के ‘SME ग्रोथ फंड’ और ‘कॉर्पोरेट मित्र’ की तैनाती का ऐलान किया गया है।
राजस्थान स्पेशल: प्रदेश को मिलीं बड़ी सौगातें
- शिक्षा: प्रदेश के सभी 41 जिलों (नए जिलों सहित) में लड़कियों के लिए आधुनिक सरकारी छात्रावास (Girls Hostel) बनाए जाएंगे।
- बुलेट ट्रेन: दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का 75% हिस्सा (करीब 657 किमी) राजस्थान से गुजरेगा। इसमें जयपुर और उदयपुर समेत 9 वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनेंगे।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: जयपुर के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए 110 किमी लंबी ‘उत्तरी रिंग रोड’ के लिए ₹6,500 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
- स्वास्थ्य: कैंसर और डायबिटीज की सस्ती दवाओं की घोषणा से राज्य के लाखों मरीजों को राहत मिलेगी।
विपक्ष का वार: “गोली के जख्म पर बैंड-एड”
बजट पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे ‘विचारों से कंगाल’ बजट बताते हुए कहा कि यह केवल कॉर्पोरेट मित्रों को फायदा पहुँचाने वाला है। वहीं, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल ने मध्यम वर्ग के होम लोन पर राहत न मिलने और मनरेगा को खत्म करने को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे “गोली के जख्म पर बैंड-एड” लगाने जैसा बताया।
क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा? (Budget 2026 List)
सस्ता (राहत):
- कैंसर और डायबिटीज की जीवनरक्षक दवाएं
- विदेश यात्रा और शिक्षा (TCS घटने से)
- मोबाइल बैटरी और चार्जर
- सोलर पैनल और उपकरण
- जूते और चमड़े का सामान
- माइक्रोवेव ओवन
महंगा (झटका):
- शेयर बाजार में वायदा कारोबार (F&O)
- विदेशी शराब
- सिगरेट और पान मसाला
- कुछ विशेष खनिज उत्पाद
- धातु का कचरा (Scrap)
