अजमेर : राजस्थान के अजमेर स्थित राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान संस्थान (NRCSS), तबीजी में शनिवार को ‘मसाला औद्योगिक संगोष्ठी एवं किसान मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने प्रगतिशील किसानों और वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर संस्थान में नवनिर्मित बीज प्रसंस्करण सुविधा (Seed Processing Facility) का उद्घाटन किया और किसानों को उन्नत बीजों के पैकेट वितरित किए। मंत्री चौधरी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बीजीय मसालों—जैसे जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी और अजवाइन—के अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को खेतों तक पहुँचाकर किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मेले के दौरान आयोजित संगोष्ठी में वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रसिद्ध ‘नागौरी पान मेथी’ को अब स्थानीय बीजीय मसाला अनुसंधान की सूची में शामिल किया जाएगा और राजस्थानी सूखी लाल मिर्च पर भी विशेष शोध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कोटा को धनिया के बीज का ‘हब’ बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि देश को इसके आयात की आवश्यकता न पड़े। साथ ही, अजमेर में प्राकृतिक जैविक खेती से मसाला उत्पादन का एक उत्कृष्ट केंद्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे बदलती जलवायु और मिट्टी की क्षारीय प्रकृति के बीच भी बेहतर उत्पादन लिया जा सके।
कार्यक्रम में जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पी. एस. चौहान और अन्य विशेषज्ञों ने कृषि अनुसंधान में निवेश बढ़ाने और उद्योगों को सीधे किसानों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि लघु एवं सीमांत किसानों तक नवीन शोधों का लाभ पहुँचाने के लिए जोधपुर जैसे क्षेत्रों में जीरा उत्पादन के ‘क्लस्टर’ बनाकर नई प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तकनीकी पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों व सफल किसानों को सम्मानित किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. विनय भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मेले में देशभर से आए सैकड़ों किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों और बीजों की प्रदर्शनी का लाभ उठाया।
