जोधपुर: एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (EPCH) द्वारा जोधपुर के ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित ‘हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर’ का भव्य उद्घाटन शुक्रवार (16 जनवरी) को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने शिरकत की।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने भारतीय हस्तशिल्प को न केवल कला, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति का एक मजबूत स्तंभ बताया।
“पीढ़ियों से सृजन की परंपरा निभा रहे हस्तशिल्पी”
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने कहा, “भारत की शिल्प, काष्ठ (लकड़ी) और रंग कला हमारी हजारों साल पुरानी सभ्यता की जीवंत पहचान है। हमारे हस्तशिल्पियों की रचनात्मकता किसी एक दिन की नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित हुई साधना है। यह केवल कौशल का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ी सांस्कृतिक चेतना है।”
क्रिएटिव इकोनॉमी और रोजगार का बड़ा जरिया
संस्कृति मंत्री ने आज के दौर में ‘क्रिएटिव इकोनॉमी’ (Creative Economy) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
- विविधता: जहां दुनिया के कई देशों की कला सीमित शैलियों में सिमटी है, वहीं भारतीय हस्तशिल्प विविधताओं से भरा है और वैश्विक स्तर पर कड़ी टक्कर दे रहा है।
- रोजगार: हस्तशिल्प उद्योग देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। यह अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ शहर और गांव के बीच की दूरी को पाटने का काम कर रहा है।
सरकार का विजन: ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘ग्लोबल’ तक
श्री शेखावत ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब ‘वोकल फॉर लोकल’ से आगे बढ़कर ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार हस्तशिल्प उद्योग और व्यापारिक जगत के साथ मजबूती से खड़ी है, ताकि कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानजनक आजीविका मिले।
ये रहे मौजूद इस गरिमामयी कार्यक्रम में EPCH के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री राजेश रावत, श्री निर्मल भंडारी, श्री हंसराज बाहेती, श्री नरेश बोथरा सहित बड़ी संख्या में हस्तशिल्प उद्यमी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
