जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (Cabinet) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, औद्योगिक निवेश और सामाजिक ढांचे को सुदृढ़ करने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने जहां एक तरफ सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए ‘अशांत क्षेत्र विधेयक’ के कड़े प्रावधानों को मंजूरी दी, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान को सेमीकंडक्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए खजाना खोल दिया है।
बैठक के बाद उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने संयुक्त प्रेसवार्ता में कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
1. अशांत क्षेत्र विधेयक: पलायन रोकने के लिए सख्त कानून संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
- उद्देश्य और आवश्यकता: मंत्री ने बताया कि जनसंख्या असंतुलन के कारण कई बार सार्वजनिक व्यवस्था और सामुदायिक सद्भाव बिगड़ जाता है। दंगे या भीड़ हिंसा के डर से अशांत क्षेत्रों के स्थायी निवासियों को अपनी संपत्ति औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर होना पड़ता है। यह विधेयक इसी पलायन को रोकने और किरायेदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए है।
- सख्त प्रावधान: किसी क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किए जाने के बाद, वहां सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की पूर्व अनुमति के बिना अचल संपत्ति का हस्तांतरण पूरी तरह अमान्य और शून्य माना जाएगा। केवल अनुमति लेकर ही संपत्ति बेची जा सकेगी।
- सजा: इस कानून का उल्लंघन करना गैर-जमानती (Non-Bailable) और संज्ञेय अपराध होगा। इसमें दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास और अर्थदंड की सजा का प्रावधान किया गया है।
2. राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी: निवेश की नई उड़ान उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि प्रदेश को एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन का हब बनाने के लिए इस नीति का अनुमोदन किया गया है। इसमें MSME, स्टार्टअप्स, उपकरण निर्माताओं और प्रिसीजन इंजीनियरिंग इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- निवेश श्रेणियाँ:
- मैन्युफैक्चरिंग: 50-300 करोड़ (लार्ज), 300-1000 करोड़ (मेगा), और 1000 करोड़ से अधिक (अल्ट्रा मेगा)।
- सर्विस सेक्टर: 25-100 करोड़ (लार्ज), 100-250 करोड़ (मेगा), और 250 करोड़ से अधिक (अल्ट्रा मेगा)।
- इंसेंटिव्स (प्रोत्साहन): निवेशकों को एसेट क्रिएशन के रूप में 7 वर्षों तक राज्य कर (SGST) का 75% पुनर्भरण मिलेगा। इसके अलावा, विनिर्माण उद्यमों को 20-28% और सर्विस सेक्टर को 14-20% (10 वर्षों में वितरित) पूंजीगत अनुदान, या टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन (1.2% से 2%) का विकल्प मिलेगा।
- अतिरिक्त लाभ: इन पर टॉप-अप के रूप में 10-15% एम्प्लॉयमेंट बूस्टर, 25% सनराइज बूस्टर (पहली तीन मेगा/अल्ट्रा मेगा इकाइयों के लिए), 10% एंकर बूस्टर और 20% थ्रस्ट बूस्टर दिए जाएंगे।
- अन्य रियायतें: रीको से भूमि लेने पर फ्लेक्सिबल पेमेंट, ऑफिस स्पेस के लिए 25% लीज रेंटल सब्सिडी, 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, मंडी शुल्क माफ़ी, और स्टाम्प/रूपांतरण शुल्क में 75% छूट व 25% पुनर्भरण शामिल है।
3. राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025: तकनीक में लंबी छलांग कर्नल राठौड़ ने बताया कि यह प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर नीति है। इसका उद्देश्य फैबलेस डिजाइन, चिप निर्माण और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
- वित्तीय मदद: भारत सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत स्वीकृत पूंजी सब्सिडी के 60% के बराबर राशि राज्य सरकार अतिरिक्त अनुदान के रूप में देगी।
- ब्याज और पर्यावरण छूट: बैंकों से लिए गए टर्म लोन पर 5% ब्याज अनुदान मिलेगा। साथ ही, पर्यावरणीय परियोजनाओं की लागत का 50% रीइंबर्समेंट और राजस्थान ग्रीन रेटिंग सिस्टम वाली इकाइयों को सहमति शुल्क में 50% छूट दी जाएगी।
- कर में राहत: 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, स्टाम्प शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में 75% छूट (25% पुनर्भरण) का प्रावधान है। इसमें स्किल डेवलपमेंट और पेटेंट क्रिएशन के लिए भी प्रोत्साहन शामिल हैं।
4. RPSC और सरकारी सेवा नियमों में संशोधन
- RPSC में बदलाव: संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग में ‘उप सचिव (परीक्षा)’ और ‘परीक्षा नियंत्रक’ के पदनाम को बदलकर अब केवल ‘उप सचिव’ किया जाएगा। सहायक सचिव और निजी सचिव संवर्ग से उप सचिव के पद पर पदोन्नति अब 10:1 के अनुपात में होगी। इसके लिए सेवा नियमों में संशोधन किया जा रहा है।
- बाल विवाह पर कार्रवाई: राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब सरकारी कर्मचारी पर कार्रवाई के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुरूप ‘बालक’ की परिभाषा में 21 वर्ष से कम आयु का पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिला को माना जाएगा। यदि कोई कर्मचारी बाल विवाह करता है या उसमें शामिल होता है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
5. ग्राम उत्थान शिविर: 12 विभाग एक साथ करेंगे समाधान खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026’ की तर्ज पर किसानों और पशुपालकों के लिए ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- समय सारिणी: ये शिविर दो चरणों में होंगे। पहला चरण 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से शुरू होकर 24, 25 व 31 जनवरी तक चलेगा। दूसरा चरण 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक होगा।
- व्यवस्था: 10 दिनों तक प्रदेशभर में 2,839 शिविर लगेंगे, जिनमें कृषि, डेयरी, ऊर्जा, सहकारिता सहित 12 विभाग मौके पर मौजूद रहेंगे। इसके लिए 22 जनवरी को ग्राम सभाओं में जानकारी दी जाएगी।
6. शिक्षा विभाग: मेगा PTM और बसंत पंचमी उत्सव
- मेगा PTM: 23 जनवरी (बसंत पंचमी) को प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में एक साथ मेगा PTM होगी। सरकार ने इसमें 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता का लक्ष्य रखा है (पिछली बार लक्ष्य 41 लाख था)।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: इस दिन स्कूलों में सरस्वती वंदना और कृष्ण भोग का आयोजन होगा।
- निपुण मेला: इसी दिन कक्षा 1 से 5 के लिए ‘निपुण राजस्थान’ कार्यक्रम के तहत मेलों का आयोजन होगा, जिसमें बच्चों की पठन, लेखन और गणना क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा।
7. सौर ऊर्जा के लिए भूमि आवंटन कैबिनेट ने राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बीकानेर तहसील के ग्राम लाखूसर में 72.06 हैक्टेयर और जैसलमेर जिले के रामगढ़ नं. 2 के ग्राम रामगढ़ उत्तर में 745.41 हैक्टेयर भूमि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सशर्त कीमतन आवंटित करने की स्वीकृति दी है।
