कोटा: हाड़ौती संभाग के लिए आज का दिन खुशियों और उम्मीदों का महाकुंभ है। कोटा-बूंदी के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए आज ₹7,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास होने जा रहा है। शंभूपुरा स्थित प्रस्तावित स्थल पर दोपहर करीब 1 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू की उपस्थिति में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास और भूमि पूजन संपन्न होगा। इसके साथ ही क्षेत्र की प्यास बुझाने वाली दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं (नौनेरा और परवन-अकावद) का भी आगाज होगा।
20 साल का सपना अब धरातल पर: 2027 में उड़ेगा पहला विमान ।
कोटा-बूंदी एयरपोर्ट महज एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि दो दशकों से देखा गया एक बड़ा सपना है। तमाम तकनीकी बाधाओं और इंतजार के बाद अब यह हकीकत बनने जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को 2027 तक पूरा कर हवाई सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कोटा-बूंदी एयरपोर्ट: तकनीकी बारीकियां (Table)
| विशेषता | विवरण |
| कुल लागत | ₹1,507 करोड़ |
| टर्मिनल एरिया | 20,000 वर्गमीटर |
| यात्री क्षमता | 1,000 यात्री (एक साथ) |
| रनवे की लंबाई | 3,200 मीटर (ए-321 श्रेणी के विमानों के लिए) |
| एप्रन बे | 7 बड़े विमानों की पार्किंग की सुविधा |
| लक्ष्य | वर्ष 2027 तक हवाई संचालन शुरू करना |
पेयजल की बड़ी सौगात: 2100 से ज्यादा गांवों की बुझेगी प्यास ।
एयरपोर्ट के साथ-साथ मुख्यमंत्री आज दो महत्वाकांक्षी पेयजल परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे, जो हाड़ौती के गांवों के लिए ‘अमृत’ समान होंगी:
- नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना (₹1,661.14 करोड़): इससे कोटा और बूंदी के 749 गांवों और 6 कस्बों के करीब 1.13 लाख परिवारों को ‘हर घर जल’ मिलेगा।
- परवन-अकावद परियोजना (₹3,523.16 करोड़): बारां, कोटा और झालावाड़ के 1,402 गांवों की प्यास बुझाने के लिए यह मेगा प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है, जिससे 1.52 लाख परिवारों को सीधा लाभ होगा।
विकास का महा-संकल्प:
“कोटा एयरपोर्ट के निर्माण की राह में अनेक बाधाएं आईं, लेकिन हमने हार नहीं मानी। यह एयरपोर्ट हाड़ौती में उद्योगों, पर्यटन और समृद्धि के नए द्वार खोलेगा और कोटा को सीधे वैश्विक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।”
दिग्गजों का जमावड़ा, छावनी बना शंभूपुरा ।
इस ऐतिहासिक समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पीएचईडी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सहित प्रदेश के कई दिग्गज मंत्री मौजूद रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था और आमजन के बैठने के लिए कार्यक्रम स्थल पर तीन विशाल डोम तैयार किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को ही तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था।
