मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क एक बार फिर नन्हे शावकों की किलकारियों से गूँज उठा है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से भारत लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन शावकों को जन्म दिया है। यह खबर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भारत के प्रयासों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
9वां सफल प्रसव और बढ़ता कुनबा
कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के साथ ही यह 9वां सफल प्रसव दर्ज किया गया है। शावकों के जन्म से यह स्पष्ट है कि विदेशी धरती से आए चीते अब मध्य प्रदेश के वातावरण में पूरी तरह ढल चुके हैं और यहाँ उनका कुनबा तेजी से बढ़ रहा है।
प्रोजेक्ट चीता: तीन वर्षों का सफल सफर
कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्स्थापन का अभियान अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। गामिनी और उसके तीन नए शावकों के आने के बाद पार्क में चीतों की कुल संख्या में इजाफा हुआ है, जो कूनो को चीतों के पुनर्स्थापन के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
