नई दिल्ली: आज 1 जनवरी को जहां दुनिया ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कह रही है, वहीं सोशल मीडिया का एक बड़ा वर्ग भाजपा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) के वायरल वीडियो के बाद ‘सनातन गौरव’ के रंग में रंग गया है। त्रिवेदी के तर्कों ने लोगों के सोचने का नजरिया बदल दिया है।
यूजर्स का कहना है कि सुधांशु त्रिवेदी ने अपने तर्कों से “मानसिक गुलामी” की जंजीरें तोड़ दी हैं। सोशल मीडिया पर एक ही नारा गूंज रहा है— “असली नया साल 1 जनवरी को नहीं, 19 मार्च 2026 को है।”
“गूगल को भी मात दे ऐसी हस्ती” सुधांशु त्रिवेदी द्वारा कैलेंडर के गणित और विज्ञान की धज्जियां उड़ाने वाले वीडियो पर समर्थकों ने उनकी तुलना ‘गूगल’ से कर दी है।
- एक यूजर ने लिखा: “दुनिया का पूरा एजुकेशन सिस्टम एक तरफ और सुधांशु त्रिवेदी का ज्ञान एक तरफ। गूगल के पास भी वो जवाब नहीं होते जो सर के पास होते हैं।”
- लोगों का कहना है कि अंग्रेजी कैलेंडर रटने वालों (जिन्हें सोशल मीडिया पर लिबरल्स कहा जा रहा है) के पास त्रिवेदी के इन वैज्ञानिक तर्कों का कोई तोड़ नहीं है।
19 मार्च 2026: असली तैयारी सोशल मीडिया पर #19March_RealNewYear जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं। भक्तों का कहना है कि 1 जनवरी को तो सिर्फ कैलेंडर बदला है, असली बदलाव 19 मार्च 2026 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को होगा जब प्रकृति में बहार आएगी।
- एक वायरल कमेंट में कहा गया: “तुम मनाते होगे आज नया साल, हम तो सनातनी हैं… हमारा साल 19 मार्च को शुरू होगा। जो मदरसा छाप या वामपंथी सोच रखते हैं, वो इस विज्ञान को कभी नहीं समझ पाएंगे।”
गुलामी का भूत उतरा सुधांशु त्रिवेदी के वीडियो ने युवाओं में एक नई चेतना जगा दी है। लोग अब गर्व से कह रहे हैं कि वे पश्चिमी संस्कृति की नकल करने के बजाय अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। त्रिवेदी ने साबित कर दिया है कि भारतीय काल गणना (Indian Time Calculation) अंग्रेजी सिस्टम से कहीं ज्यादा उन्नत और वैज्ञानिक है।
Title: Sudhanshu Trivedi New Year Viral: Fans Say Real New Year is on 19 March
