दावोस/नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से भारत के लिए एक बेहद गर्व करने वाली और आर्थिक रूप से सुखद खबर आई है। यूरोपीय यूनियन (European Union) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पूरी दुनिया के सामने ऐलान किया है कि यह सदी भारत की है और यूरोप, भारत के साथ इतिहास का सबसे बड़ा व्यापार समझौता करने जा रहा है।
“मदर ऑफ ऑल डील्स” की तैयारी
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया कि दावोस सम्मेलन के ठीक बाद वह भारत की यात्रा करेंगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) को अंतिम रूप देना है। उन्होंने इस समझौते की अहमियत बताते हुए इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” (Mother of All Deals) करार दिया है। इसका मतलब है कि यह अब तक के सबसे बड़े और व्यापक व्यापारिक समझौतों में से एक होगा।
2 अरब लोग और दुनिया की एक-चौथाई GDP
इस समझौते के मायने समझाते हुए EU अध्यक्ष ने कुछ चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण आंकड़े रखे:
- विशाल बाज़ार: यह समझौता भारत और यूरोप के कुल मिलाकर 2 अरब लोगों (2 Billion People) के लिए एक साझा बाज़ार तैयार करेगा।
- आर्थिक ताकत: यह संयुक्त बाज़ार वैश्विक जीडीपी (Global GDP) का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होगा।
- भविष्य की साझेदारी: उन्होंने कहा कि यूरोप और भारत का साथ आना केवल व्यापार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की तकनीक की साझेदारी है।
“यह सदी भारत की है”
अपने संबोधन में उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत की बढ़ती वैश्विक साख पर मुहर लगाते हुए कहा, “आने वाले दशक और यह पूरी सदी भारत की होगी।” उनका यह बयान बताता है कि पश्चिमी देश अब चीन के विकल्प के रूप में भारत को सबसे मजबूत और भरोसेमंद साथी मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एफटीए (FTA) के लागू होने से भारतीय कपड़ा उद्योग, ऑटोमोबाइल, आईटी और कृषि क्षेत्र को यूरोप के बड़े बाज़ार में ड्यूटी-फ्री (Tax Free) एंट्री मिलेगी, जिससे भारत के निर्यात में भारी उछाल आएगा।
