जयपुर: प्रदेश में समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) नहीं हो पा रही है, जिसके कारण इसमें शामिल 23 भर्तियां शुरू नहीं हो सकेंगी। इससे प्रदेश के 20 लाख से अधिक युवा परेशान हैं और सीईटी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
एक साल के लिए क्यों अटकी भर्तियां?
जब तक सीईटी नहीं होगी, तब तक इन 23 भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकती। यह भर्तियां करीब एक साल के लिए अटक गई हैं क्योंकि सीईटी की प्रक्रिया प्रारंभ होने से लेकर परीक्षा परिणाम तक करीब 8 से 10 महीने का समय लगता है।
पुराने प्रमाणपत्रों की वैधता समाप्त, नियमों में पेंच
पिछली सीईटी के प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि फरवरी में समाप्त हो चुकी है। आज की स्थिति में प्रदेश में सीईटी पात्रता रखने वाले एक भी बेरोजगार नहीं हैं। सीईटी के प्रावधानों में कुछ बदलाव होना है, लेकिन कार्मिक विभाग इन बदलावों को अंतिम रूप नहीं दे पा रहा है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले साल ही सीईटी की परीक्षा तिथि घोषित कर दी थी। सीईटी सीनियर सेकेंडरी के लिए घोषित तिथि तो फरवरी में ही निकल चुकी है और सीईटी स्नातक की परीक्षा तिथि मई में है, लेकिन वर्तमान हालात में इस तिथि पर परीक्षा होना मुश्किल है।
भर्ती कैलेंडर गड़बड़ाया: कांस्टेबल और VDO पर संकट
सीईटी नहीं होने से दो महीने पहले जनवरी में सरकार द्वारा 2026 में होने वाली परीक्षाओं के लिए जारी किया गया कैलेंडर भी गड़बड़ा गया है। इस कैलेंडर में 2 हजार पदों की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा जुलाई में और 3430 पदों की ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती की परीक्षा दिसंबर में होना बताई गई थी। ये दोनों ही भर्तियां सीईटी में शामिल हैं, इसलिए इनका होना भी मुश्किल लग रहा है।
सीईटी में क्या नए बदलाव हैं प्रस्तावित?
- सीईटी की पात्रता के लिए रीट (REET) की तर्ज पर 60% न्यूनतम अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता लागू हो सकती है।
- सीईटी को आरएएस (RAS) की तर्ज पर दो चरणों में (प्री और मेंस) आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी मंथन चल रहा है।
- सीईटी प्रमाणपत्र की वैधता को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 साल किया गया है, यह प्रावधान नई सीईटी से लागू होना है।
सीईटी नहीं होने से यह प्रमुख भर्तियां अटकीं:
- सीईटी स्नातक (11 भर्तियां): प्लाटून कमांडर, पटवारी-जिलेदार, जल संसाधन कनिष्ठ लेखाकार, अधीनस्थ लेखा सेवा कनिष्ठ लेखाकार, राज्य कृषि विपणन बोर्ड कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, पर्यवेक्षक महिला अधिकारिता, उपजेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड सेकंड, पटवारी राजस्व अधीनस्थ सेवा, ग्राम विकास अधिकारी।
- सीईटी सीनियर सेकेंडरी (12 भर्तियां): वनपाल, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक ग्रेड सेकंड, कनिष्ठ सहायक, जमादार ग्रेड-II, कांस्टेबल सहित 12 भर्तियां शामिल हैं।
चयन बोर्ड अध्यक्ष का क्या कहना है? “अभी सरकार की तरफ से हमारे पास सीईटी के आयोजन को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इतना जरूर है कि इसके प्रावधानों में कुछ बदलाव किया जा रहा है। मैं अगले तीन-चार दिन में सीईटी आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों से मिलूंगा। सीईटी नहीं हुई तो इसमें शामिल भर्तियों में एक से डेढ़ साल तक की देरी हो सकती है।” – आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड
