नई दिल्ली: भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संशोधित आदेश जारी किया है । इस आदेश के तहत, सरकार ने सभी तेल शोधन कंपनियों (Refining Companies) को घरेलू LPG उत्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है ताकि आम जनता को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े ।
मुख्य निर्देश और बड़े बदलाव
सरकार ने अनिवार्य किया है कि घरेलू उपयोग के लिए उपयोग होने वाली गैस की आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आए। आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- LPG उत्पादन का अधिकतम स्तर: भारत में संचालित सभी घरेलू और SEZ तेल शोधन कंपनियों, जिनमें पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी शामिल हैं, को अपनी C3 और C4 स्ट्रीम्स (जैसे प्रोपेन, ब्यूटेन, प्रोपलीन आदि) का अधिकतम उपयोग केवल LPG उत्पादन के लिए करना होगा ।
- केवल सरकारी कंपनियों को आपूर्ति: उत्पादित की गई पूरी गैस केवल तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) — IOCL, BPCL और HPCL को ही उपलब्ध कराई जाएगी ।
- अन्य उत्पादों पर रोक: रिफाइनरियां अब इन गैस धाराओं (streams) का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पाद या अन्य डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव बनाने के लिए नहीं कर सकेंगी ।
- केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए: सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी (OMCs) को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह प्राप्त की गई LPG की मार्केटिंग और आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही की जाए ।
कड़े कानूनी प्रावधान
यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और पेट्रोलियम उत्पाद (उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति का रखरखाव) आदेश, 1999 के तहत जारी किया गया है । आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:
- इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
- यह नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसने 05 मार्च 2026 को जारी पिछले आदेश का स्थान ले लिया है ।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के अनुसार, देश में खपत होने वाली घरेलू LPG का 99% से अधिक हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र की इन तीन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा ही प्रदान किया जाता है । सार्वजनिक हित और अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, घरेलू रसोई के लिए ईंधन की निरंतर आपूर्ति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है ।
