नई दिल्ली– देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांति काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का मस्तक ऊंचा करने और ऐतिहासिक ‘एक्जियोम मिशन-4’ (Axiom Mission 4) को सफलता के शिखर तक पहुंचाने के लिए दिया गया है। जैसे ही राष्ट्रपति ने शुभांशु शुक्ला की वर्दी पर यह पदक लगाया, पूरा देश गर्व से भर उठा।

उत्तर प्रदेश का गौरव और अंतरिक्ष में भारत की नई उड़ान
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला न केवल भारतीय वायुसेना के जांबाज अधिकारी हैं, बल्कि वे उत्तर प्रदेश के गौरव भी हैं। उनकी निडरता, प्रतिबद्धता और संयम ने भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम (Human Spaceflight Program) को एक नई दिशा और उड़ान दी है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए गए मिशन Ax-4 में उनकी भूमिका ने साबित कर दिया है कि भारतीय प्रतिभा अब सितारों से भी आगे की सोच रखती है। उनके इस साहसिक कदम ने वैश्विक मंच पर भारत की अंतरिक्ष कूटनीति और तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है।
भावी पीढ़ी के लिए बने प्रेरणापुंज
इस सम्मान के बाद बधाईयों का तांता लगा हुआ है। उत्तर प्रदेश नेतृत्व और देशवासियों ने शुभांशु शुक्ला की इस उपलब्धि को असाधारण बताया है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी को विज्ञान, अनुसंधान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी। एक छोटे शहर से निकलकर अंतरिक्ष की अनंत गहराइयों तक का उनका सफर हर भारतीय युवा के लिए एक मिसाल है। राष्ट्रपति ने उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि माँ भारती के मस्तक को गर्व से ऊंचा रखने वाली है।
