राजस्थान विधानसभा सत्र: स्पीकर वासुदेव देवनानी की सर्वदलीय बैठक, गरिमा और शांति बनाए रखने पर बनी सहमति

सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सर्वदलीय बैठक में सदन की गरिमा बनाए रखने और प्रश्नकाल में व्यवधान न डालने की अपील की।

जयपुर: सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र बुधवार, 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र के आगाज से पहले मंगलवार को विधानसभा में एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच सदन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने और नियमों व परंपराओं का पालन करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि वे मर्यादापूर्ण व्यवहार करेंगे और सम्मानजनक शब्दों का ही उपयोग करेंगे।

सदन की गरिमा और सार्थक चर्चा पर जोर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने बैठक में स्पष्ट किया कि विधानसभा जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने का ‘पवित्र स्थल’ है। उन्होंने कहा, “सदन और आसन की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। सभी दलों के सदस्य सकारात्मक सोच के साथ सदन को चलाएं।”

  • देर तक चलेगा सदन: देवनानी ने आश्वस्त किया कि जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए यदि आवश्यकता हुई, तो सदन की कार्यवाही देर तक संचालित की जाएगी।
  • समाधान पर फोकस: उन्होंने कहा कि समस्याओं का हल बातचीत से ही निकलता है। यहां सदस्यों द्वारा उठाई गई बातों को गंभीरता से लिया जाएगा और उनका निस्तारण भी करवाया जाएगा।

प्रश्नकाल और शून्यकाल में नहीं हो व्यवधान स्पीकर देवनानी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले सत्रों के 96 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब विधानसभा को प्राप्त हो चुके हैं, जो एक अच्छी उपलब्धि है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर समय पर जवाब मंगवाए जाएंगे। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा कि प्रश्नकाल और शून्यकाल कार्यवाही के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इन दोनों समय में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं होना चाहिए, इसके लिए सभी दलों को विचार करना होगा।

पक्ष-विपक्ष ने क्या कहा?

  • नेता प्रतिपक्ष: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी पक्ष के साथ-साथ विपक्ष की भी है, लेकिन सरकार को सदन में रखी गई बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।
  • संसदीय कार्य मंत्री: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सर्वदलीय बैठक को अध्यक्ष देवनानी की ‘ऐतिहासिक पहल’ बताया और कहा कि इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

ये रहे मौजूद बैठक में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान, विधायक मनोज कुमार, डॉ. सुभाष गर्ग और थावरचन्द मौजूद रहे।

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