जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दी है। लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आखिरकार ‘आउट ऑफ टर्न पॉलिसी’ (Out of Turn Policy) के तहत राज्य के 137 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों की सरकारी नौकरी का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इन नियुक्तियों को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत खिलाड़ियों को डीएसपी (DSP) से लेकर व्याख्याता और पुलिस कांस्टेबल तक के पद मिलेंगे।
ये स्टार खिलाड़ी बनेंगे DSP (पुलिस उपाधीक्षक)
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के कई नामचीन खिलाड़ियों को राजस्थान पुलिस में अफसर बनने का मौका मिला है।
- रवि बिश्नोई (क्रिकेटर): भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर।
- दिव्यकृति सिंह (घुड़सवारी): एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवार्डी।
- मानिनी कौशिक (शूटर): एशियन मेडलिस्ट।
- सचिन (कबड्डी): अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी।
पैरालंपियन मोना बनेंगी व्याख्याता
सिर्फ पुलिस सेवा ही नहीं, शिक्षा विभाग में भी खिलाड़ियों को नियुक्ति मिली है।
- मोना अग्रवाल (पैरालंपियन): इनका चयन ‘व्याख्याता शारीरिक शिक्षा’ (Lecturer Physical Education) के पद पर हुआ है।
- कोच: पैरा गेम्स के पदक विजेता राकेश भैरा और अनीता को कोच के पद पर नियुक्ति दी गई है।
130 खिलाड़ियों को मिले ये पद
इन बड़े नामों के अलावा नेशनल गेम्स और नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले अन्य 130 खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में नियुक्ति मिली है। इनमें शामिल पद हैं:
- उप-कारापाल (Deputy Jailor)
- कांस्टेबल
- आबकारी सिपाही और आबकारी रक्षक
- कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant)
जून तक 300 और नौकरियां: खेल मंत्री
खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछली सरकार ने 5 साल में 248 खिलाड़ियों को नौकरी दी थी, जबकि वर्तमान सरकार ने 2023-25 के बीच अब तक 186 नियुक्तियां दे दी हैं और 137 अब दी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जून 2026 तक 300 से ज्यादा और खिलाड़ियों को नियुक्ति दे दी जाएगी।
