राजस्थान के औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) ने प्रदेश में बिक रही दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा ‘अलर्ट’ जारी किया है। विभाग की जांच में आम घरों में इस्तेमाल होने वाली 10 दवाइयां और कॉस्मेटिक उत्पाद अमानक (Not of Standard Quality – NSQ) पाए गए हैं। रिपोर्ट आते ही विभाग ने इन सभी उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
15 दिन की जांच में खुला राज विभाग द्वारा जारी पाक्षिक बुलेटिन (16 जनवरी से 31 जनवरी) में इस बात का खुलासा हुआ है। इस अवधि के दौरान लिए गए सैंपलों की प्रयोगशाला में जांच की गई, जिसमें ये 10 उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन उत्पादों के लेबल पर गुणवत्ता को लेकर जो दावे किए गए थे, वे जांच में गलत पाए गए।
ये जरूरी दवाइयां हुईं फेल (List of Failed Medicines) हैरानी की बात यह है कि अमानक घोषित की गई दवाइयों में वे सॉल्ट शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल लोग रोजमर्रा की बीमारियों में करते हैं:
- पेट और गैस: रेबेप्राजोल (Rabeprazole) और डोमपरिडोन (Domperidone) जैसी गैस और एसिडिटी की दवाइयां।
- एंटीबायोटिक: डॉक्सीसाइक्लिन (Doxycycline) और एमोक्सिसिलिन (Amoxycillin) जैसी महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक्स।
- अन्य: मल्टीविटामिन टैबलेट और खांसी के सिरप (एमब्रॉक्सोल और गुआइफेनेसिन युक्त)।
मेहंदी और हेयर कलर भी मानकों के अनुरूप नहीं सिर्फ दवाइयां ही नहीं, बल्कि सौंदर्य प्रसाधनों पर भी गाज गिरी है। जांच में बाजार में बिकने वाले कुछ मेहंदी कोन और हेयर कलर भी कॉस्मेटिक एक्ट के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं, जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
ड्रग कंट्रोलर के निर्देश: बाजार से तुरंत हटाएं स्टॉक राजस्थान ड्रग कंट्रोलर ने प्रदेश के सभी औषधि नियंत्रकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- आदेश में कहा गया है कि इन अमानक बैचों का पूरा स्टॉक तुरंत बाजार से वापस (Recall) लिया जाए।
- संबंधित फार्मा कंपनियों के अन्य बैचों की भी नियमित निगरानी (Surveillance) की जाए।
- दोषी निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
