जयपुर– राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की जयपुर ग्रामीण टीम ने डीडवाना-कुचामन जिले की ग्राम पंचायत बाजवास के प्रशासक एवं सरपंच राजेंद्र प्रसाद मोयल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह गिरफ्तारी परबतसर के सांचौर चौराहे पर हुई, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
राज संपर्क पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं माने सरपंच
एसीबी महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी को वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायत बाजवास में सामग्री सप्लाई का टेंडर मिला था। काम पूरा होने और बिल पास होने के बाद भी उसकी 2 लाख रुपये की धरोहर राशि (Security Deposit) पंचायत में जमा थी। परिवादी ने कई बार चक्कर काटे, लेकिन राशि नहीं लौटाई गई। परेशान होकर उसने ‘राज संपर्क पोर्टल’ पर शिकायत की, जिसके बाद 27 जनवरी 2026 को राशि तो खाते में आ गई, लेकिन सरपंच राजेंद्र प्रसाद ने इसके बदले 1 लाख रुपये (कुल राशि का 50%) कमीशन के तौर पर मांग लिए।
सांचौर चौराहे पर बिछाया गया जाल

रिश्वत की मांग से परेशान परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी में की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी जयपुर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील सियाग के नेतृत्व में गुरुवार (5 फरवरी) को जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी सरपंच राजेंद्र प्रसाद मोयल ने सांचौर चौराहे (परबतसर) पर रिश्वत की रकम हाथ में ली, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
घर और अन्य ठिकानों की हो रही तलाशी
एसीबी के उपमहानिरीक्षक (DIG) अनिल कयाल के सुपरविजन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने अन्य ठेकेदारों से भी इसी तरह वसूली की है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
