जयपुर – राजस्थान की माटी में छिपी कला और युवाओं की कूची के जादू को एक बार फिर बड़ा मंच मिला है। राजस्थान ललित कला अकादमी ने अपनी प्रतिष्ठित 45वीं छात्रकला प्रदर्शनी के परिणामों की घोषणा कर दी है। अकादमी के निर्णायक मंडल ने कड़े मुकाबले के बाद राज्य भर के 10 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की कलाकृतियों को श्रेष्ठ मानते हुए उन्हें पुरस्कार के लिए चुना है। इन विजेताओं को नकद राशि और सम्मान से नवाजा जाएगा।
208 छात्रों में से चुने गए 10 ‘महारथी’ अकादमी सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि इस बार की प्रदर्शनी में प्रदेश भर के कला विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कुल 208 छात्र-छात्राओं की ओर से 536 कलाकृतियां (Artworks) प्रविष्टि के तौर पर प्राप्त हुई थीं। इनमें से निर्णायक मंडल ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित करने के लिए 110 छात्र-छात्राओं की कुल 145 कलाकृतियों का चयन किया है। इन्हीं चयनित कृतियों में से सर्वश्रेष्ठ 10 को पुरस्कार के लिए चुना गया है।
10 हजार नकद और सम्मान प्रदर्शनी के भव्य उद्घाटन समारोह में इन 10 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार, एक प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह (Memento) प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान न केवल उनकी कला को पहचान देगा बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित भी करेगा।
ये हैं वो 10 विजेता और उनकी ‘बेमिसाल’ कृतियां निर्णायक मंडल ने जिन 10 कृतियों को पुरस्कार योग्य माना है, उनकी सूची इस प्रकार है:
- अरुण कुमार कुमावत (नागौर) – कृति: एसेडिंग ग्रेण्डूयर
- हर्षा सोनी (ब्यावर) – कृति: द वाल्स ऑफ प्रोग्रेस
- विजय (जोधपुर) – कृति: जोधपुरी झरोखा
- अनन्या सैनी (अजमेर) – कृति: चित्तौड़गढ़-1
- प्राची शर्मा (जयपुर) – कृति: मेमोरी लेन
- याशिका जांगिड़ – कृति: वाइव ऑफ राजस्थान
- सौरभ यादव (अलवर) – कृति: जीवन संघर्ष-1
- कृष्णकांत टंगुरिया – कृति: वाट अबाउट अस
- श्वेता चौहान (जयपुर) – कृति: अनटाइटिल्ड-1
- धर्मेन्द्र पंडित – कृति: कंधों पर समाज
इन्होंने किया ‘हीरों’ का चयन (जूरी) कलाकृतियों के चयन और विजेताओं को चुनने की जिम्मेदारी एक विशेषज्ञ निर्णायक मंडल (Jury) ने निभाई। इसमें जाने-माने कलाकार श्री बलदाऊ वर्मा, श्री हेमन्त जोशी और श्री गोपाल शर्मा शामिल थे।
