जयपुर: राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को पेश किए गए बजट में विकसित राजस्थान की नींव रखते हुए बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र के लिए खजाना खोल दिया है। बजट भाषण में जहां एक तरफ प्रदेश की सड़कों की सूरत बदलने के लिए करोड़ों के फंड का ऐलान किया गया, वहीं दूसरी तरफ ‘अन्नदाता’ को राहत देते हुए ब्याज मुक्त कर्ज और सब्सिडी की बारिश कर दी गई है।
नीचे पढ़ें बजट की बड़ी घोषणाएं विस्तार से:
1. इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों के लिए 1800 करोड़ का मेगा प्लान
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क कनेक्टिविटी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक सरकार 27,860 करोड़ खर्च कर 16,430 किमी नई सड़कें बना चुकी है। आगामी वर्ष के लिए बड़े ऐलान इस प्रकार हैं:
- 1800 करोड़ का बजट: स्टेट हाईवे, रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), रेलवे अंडर ब्रिज (RUB), एलिवेटेड रोड और मरम्मत कार्यों के लिए 1800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- ग्रामीण सड़कें (अटल प्रगति पथ): 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीमेंट-कंक्रीट सड़कें बनेंगी। अगले साल 250 ‘अटल प्रगति पथ’ बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- मरम्मत और मिसिंग लिंक:
- नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए: 1400 करोड़ रुपये।
- मिसिंग लिंक (जुड़ाव से छूटी) सड़कों के लिए: 600 करोड़ रुपये।
- बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए: 500 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
2. मिशन किसान: 25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त कर्ज
किसानों के लिए यह बजट ‘लाभ का सौदा’ साबित हो सकता है। सरकार ने खेती को आधुनिक बनाने और कर्ज के बोझ को कम करने के लिए चौतरफा रणनीति बनाई है।
कर्ज माफी और ब्याज छूट:
- ब्याज मुक्त ऋण: प्रदेश के 35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण दिया जाएगा। इसका 800 करोड़ का ब्याज भार सरकार उठाएगी।
- एकमुश्त समाधान योजना: उपनिवेशन क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत। 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच बकाया जमा कराने पर ब्याज में 100% छूट मिलेगी।
तारबंदी और सुरक्षा (बड़ा बदलाव):
- आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए 20,000 किमी की तारबंदी होगी (228 करोड़ की सब्सिडी)।
- नियम में बदलाव: अब सामुदायिक तारबंदी के लिए 10 के बजाय सिर्फ 7 किसानों का समूह भी आवेदन कर सकेगा।
3. खेती होगी हाईटेक: मशीनरी और सिंचाई पर फोकस
किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने के लिए सरकार ने तकनीक और सिंचाई पर जोर दिया है:
- सिंचाई सुविधा: अगले 2 साल में 15,000 किमी पाइपलाइन और 8,000 डिग्गियों का निर्माण होगा।
- फॉर्म पॉन्ड: 36,000 फॉर्म पॉन्ड बनाने के लिए 585 करोड़ का अनुदान मंजूर।
- मिशन राज गिफ्ट: किसानों को उपज का सही दाम दिलाने के लिए इसकी स्थापना होगी।
- सस्ती मशीनें: 500 नए ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ खोले जाएंगे, जहां से किसान सस्ते किराए पर मशीनें ले सकेंगे। इसके अलावा कृषि यंत्रों पर 160 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी।
4. अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
- मुफ्त बीज: मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत 2.5 लाख किसानों को दलहनी-तिलहनी फसलों के उन्नत बीज फ्री मिलेंगे।
- जैविक खेती: हर ग्राम पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाई जाएगी।
- रोजगार: कृषि विश्वविद्यालयों में 445 रिक्त पदों पर भर्ती होगी।
- मंडी विकास: मंडियों में शेड और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
निष्कर्ष: वित्त मंत्री दीया कुमारी का यह बजट 2047 तक राजस्थान को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ग्रामीण विकास और किसानों की जेब में सीधा पैसा पहुंचाने की कोशिश सरकार ने इस बजट के जरिए की है।