जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को जलदाय विभाग (PHED) के कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रान्तीय नल मजदूर यूनियन (इंटक) के बैनर तले कर्मचारियों ने पानी पेच स्थित अधीक्षण अभियंता (वृत्त उत्तर) कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग विभाग में नई भर्ती शुरू करने की है, क्योंकि पिछले 33 वर्षों से तकनीकी संवर्ग में कोई भर्ती नहीं हुई है। इस प्रदर्शन के दौरान यूनियन की राजनीति में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब कर्मचारी नेता बाबूलाल शर्मा ने 15 साल बाद घर वापसी की और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।

16 सूत्रीय मांगों को लेकर हुंकार, 15 दिन का अल्टीमेटम
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंह शेखावत के निर्देशन में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह शेखावत ने किया। कर्मचारियों ने प्रशासन को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
- नई भर्ती: 33 साल से रिक्त पड़े तकनीकी पदों पर तत्काल भर्ती।
- वेतन विसंगति: लीवरेज राशि में बढ़ोतरी।
- सुविधाएं: पंप हाउस और राजकीय आवासों की जर्जर हालत सुधारी जाए।
- सुरक्षा: पंप हाउसों पर सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति।
अधिकारियों ने ज्ञापन लेने के बाद 15 दिवस के भीतर समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया है।
बाबूलाल शर्मा की ‘घर वापसी’, बने कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष
इस विरोध प्रदर्शन के मंच से एक बड़ी घोषणा भी हुई। कर्मचारी नेता बाबूलाल शर्मा, बनवारी लाल सैनी और लालचंद शर्मा सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने 15 साल बाद पुनः जलदाय इंटक की सदस्यता ग्रहण की। राजस्थान इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली के निर्देश पर संजय सिंह शेखावत ने बाबूलाल शर्मा को जलदाय इंटक का कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष (Working State President) नियुक्त किया। नवनियुक्त अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा ने हुंकार भरते हुए कहा कि वे संगठन को मजबूत करेंगे और नई भर्ती के मुद्दे को अंजाम तक पहुंचाएंगे।
’33 साल से वन मैन आर्मी बने हैं कर्मचारी’
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विभाग में पिछले 33 सालों से तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। इससे मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ कई गुना बढ़ गया है। इंटक प्रदेशाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली और संरक्षक जगदीश प्रसाद शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
