एसीबी का डबल प्रहार: चित्तौड़गढ़ में 2.10 लाख की रिश्वत लेते VDO और कनिष्ठ सहायक रंगे हाथों गिरफ्तार; नकद और चेक के साथ दबोचा

चित्तौड़गढ़ – राजस्थान में भ्रष्टाचार के दीमकों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का एक्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में एसीबी की चित्तौड़गढ़ टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत स्तर पर चल रहे रिश्वत के खेल का पर्दाफाश किया है। टीम ने कपासन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सिंहपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और एक कनिष्ठ सहायक को 2 लाख 10 हजार रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि यह रिश्वत केवल नकद ही नहीं, बल्कि चेक के माध्यम से भी ली जा रही थी।

12.80 लाख के बिल पास करने के बदले माँगा था कमीशन

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एक परिवादी ने चित्तौड़गढ़ यूनिट में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार, उसकी फर्म ने ग्राम पंचायत सिंहपुर क्षेत्र में करीब 12 लाख 80 हजार रुपये के विभिन्न विकास कार्य करवाए थे। इन कार्यों से संबंधित मई और जून 2025 के सात बिलों का भुगतान बकाया था। आरोप है कि इन बिलों की ऑनलाइन फीडिंग करने और भुगतान पास कराने की एवज में ग्राम विकास अधिकारी पारस राम विश्नोई और कनिष्ठ सहायक बाबू लाल शर्मा द्वारा लगातार 2.10 लाख रुपये की अवैध मांग की जा रही थी और परिवादी को परेशान किया जा रहा था।

रिश्वत लेते VDO और कनिष्ठ सहायक रंगे हाथों गिरफ्तार

70 हजार नकद और 1.40 लाख का चेक लेते ही धराए

परिवादी की शिकायत का एसीबी ने गोपनीय तरीके से सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और उप अधीक्षक पुलिस हरिश्चन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया गया।

तय योजना के अनुसार, परिवादी ने जैसे ही आरोपी अधिकारियों को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹70,000 नकद और शेष राशि का ₹1,40,000 का चेक सौंपा, इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। रिश्वत की राशि (नकद और चेक) मौके पर ही बरामद कर ली गई।

पंचायत में मचा हड़कंप, गहन पूछताछ जारी

एक साथ दो अधिकारियों के ट्रैप होने की खबर से पंचायत कार्यालय और स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के सुपरविजन में आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भुगतान के बदले कमीशनखोरी का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

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