बाड़मेर – राजस्थान के बाड़मेर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो में ध्वजारोहण के बाद सलामी देते वक्त वह कुछ पलों के लिए दिशा को लेकर भ्रमित नजर आईं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और ट्रोलिंग के बीच अब खुद आईएएस टीना डाबी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने इसे महज एक मानवीय भूल और क्षणिक कन्फ्यूजन बताया है, जिसे तुरंत सुधार लिया गया था।
‘दोनों तरफ खड़े थे कर्मचारी, इसलिए हुआ भ्रम’
मामले के तूल पकड़ने के बाद टीना डाबी ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण के दौरान उनके दाएं और बाएं, दोनों तरफ कर्मचारी और अधिकारी खड़े थे। इस वजह से स्वाभाविक रूप से उनका ध्यान बंट गया और वे कुछ सेकंड के लिए तिरछी खड़ी हो गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई जानबूझकर की गई गलती या प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं था, बल्कि एक सामान्य मानवीय प्रतिक्रिया थी।
सुरक्षाकर्मी ने किया इशारा, तब सुधारी गलती
वायरल वीडियो की हकीकत यह है कि ध्वजारोहण के बाद जब राष्ट्रगान शुरू होने वाला था, तो टीना डाबी सलामी देने के लिए मुड़ीं लेकिन दिशा को लेकर असमंजस में दिखीं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उनके पीछे खड़े एक सुरक्षाकर्मी (गार्ड) ने तुरंत स्थिति को भांपा और उन्हें सही दिशा में मुड़ने का इशारा किया। गार्ड के इशारे के बाद कलेक्टर ने तुरंत अपनी गलती सुधारी और सावधान की मुद्रा में खड़े होकर तिरंगे को सलामी दी।
सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटी जनता
इस वीडियो को लेकर इंटरनेट यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए हैं। एक वर्ग इसे बड़ी प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए लिख रहा है कि “यूपीएससी टॉपर को बेसिक प्रोटोकॉल पता होना चाहिए।” वहीं, दूसरा वर्ग और उनके समर्थक इसे एक छोटी सी मानवीय भूल (Human Error) बता रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन और व्यस्तता के बीच ऐसी छोटी चूक किसी से भी हो सकती है, इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है।
