जयपुर: सौर ऊर्जा उत्पादन में देश का सिरमौर राजस्थान अब अपने बिजली वितरण ढांचे (Distribution Grid) को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ‘स्मार्ट और लचीला’ बनाने जा रहा है। पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर के तेजी से बढ़ते दायरे को देखते हुए राज्य सरकार और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने मिलकर ग्रिड आधुनिकीकरण की एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
योजना की खास बातें:
- टू-वे पावर फ्लो: अपर मुख्य सचिव अजीताभ शर्मा के अनुसार, अब बिजली ग्रिड केवल एकतरफा नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा के कारण दोनों दिशाओं में बिजली प्रवाह के लिए तैयार किया जाएगा।
- स्मार्ट मॉनिटरिंग: फीडरों और ट्रांसफॉर्मरों की रीयल-टाइम निगरानी के लिए डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन कंट्रोल सेंटर्स (DCCs) स्थापित किए जाएंगे।
- ऊर्जा भंडारण (Storage): 2030 तक की जरूरतों को देखते हुए 7,000 मिलियन यूनिट ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी, ताकि दिन की सौर ऊर्जा का उपयोग रात में भी किया जा सके।
- तकनीकी सुधार: ओवर-वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं को रोकने के लिए स्मार्ट इन्वर्टर और स्वचालित सब-स्टेशनों का उपयोग किया जाएगा।
