जयपुर: सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र (बजट सत्र) की शुरुआत आज बुधवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण के साथ हुई। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में भजनलाल सरकार के पिछले दो वर्षों के कामकाज का ब्यौरा दिया और ‘विकसित राजस्थान-2047’ का रोडमैप सदन के पटल पर रखा।
गर्मजोशी से स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

इससे पहले, दोपहर में जब राज्यपाल श्री बागडे विधानसभा पहुंचे, तो वहां उत्सव जैसा माहौल था। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा ने उनकी अगवानी की।
- शाही परंपरा: विधानसभा के मुख्य द्वार पर आरएसी (RAC) बटालियन द्वारा राज्यपाल को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ और सलामी दी गई। इसके बाद पूरी गरिमा और संसदीय परंपराओं के साथ उन्हें प्रोसेशन (शोभायात्रा) के रूप में सदन के अंदर ले जाया गया।
1 घंटा 21 मिनट 23 सेकेंड चला अभिभाषण

राज्यपाल ने ठीक दोपहर में अपना अभिभाषण शुरू किया। उन्होंने 1 घंटे 21 मिनट 23 सेकेंड तक सदन को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा:
- पेपर लीक पर वार: “मेरी सरकार ने पेपर लीक माफिया की कमर तोड़ी है। युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए राजस्थान में कोई जगह नहीं है।”
- ERCP और पानी: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) और यमुना जल समझौते को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि हर खेत और हर घर तक पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।
- कानून व्यवस्था: महिला सुरक्षा और गैंगस्टर मुक्त राजस्थान बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी उन्होंने जिक्र किया।
विपक्ष ने किया हंगामा, लहराई तख्तियां
जैसे ही राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियां गिनाना शुरू किया, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। कुछ विधायकों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर तख्तियां लहराईं। हालांकि, शोर-शराबे के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा और पूरा पढ़ा।
अब क्या होगा?
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब गुरुवार से अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू होगी, जिसमें पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने के आसार हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा बहस का जवाब देंगे।
