विकसित राजस्थान की ओर मजबूत कदम: निर्यात में 13 हजार करोड़ की बढ़त, अब ‘मसाला कॉन्क्लेव’ से चमकेगी किसानों की किस्मत

जयपुर: राजस्थान की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक बाजार में एक नई छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के निर्यात सेक्टर ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में ही 50,900 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। भारत सरकार के डीजीसीआई (DGCI) के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान के उत्पादों की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है।

तथ्यों के साथ पूरी खबर पढ़ें:

  • रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में प्रदेश से 50,900 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। यह आंकड़ा ‘विकसित राजस्थान @2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
  • इन 5 सेक्टरों (पंचरत्न) का रहा दबदबा: प्रदेश के कुल निर्यात में इन 5 क्षेत्रों की हिस्सेदारी 67% से ज्यादा रही।
    • इंजीनियरिंग: ₹19,849 करोड़ (पिछले साल ₹16,592 करोड़)
    • रत्न एवं आभूषण: ₹17,567 करोड़ (57% का भारी उछाल)
    • कपड़ा (Textiles): ₹9,700 करोड़
    • धातु (Metals): ₹10,024 करोड़
    • हस्तशिल्प: ₹8,444 करोड़
  • गेमचेंजर बनी नई नीति: ‘राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024’ के तहत सिंगल विंडो क्लीयरेंस और वित्तीय सहायता (75% तक) ने निर्यातकों की राह आसान की है। एमएसएमई (MSME) को ई-कॉमर्स निर्यात में विशेष छूट दी गई है।
  • अब बारी किसानों की: भजनलाल सरकार ने बजट 2026-27 में ‘कॉन्क्लेव ऑन स्पाइसेज’ की घोषणा की है। इसके तहत 2,000 किसानों और व्यापारियों को एक्सपोर्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि कृषि निर्यात (जो अभी ₹7,195 करोड़ है) को और बढ़ाया जा सके।

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