Rajasthan Budget 2026: अब व्हाट्सएप पर मिलेंगी 100 सरकारी सेवाएं! घर बैठे बनेंगे बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट, जानिए नई IT पॉलिसी

जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बजट 2026-27 में आम जनता को बड़ी डिजिटल सौगात दी है। अब आपको जाति, मूल निवास या जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ई-मित्र या सरकारी दफ्तरों की कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में घोषणा की है कि प्रदेश में जल्द ही 100 सरकारी सेवाएं सीधे आपके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर उपलब्ध होंगी। सरकार ने ‘डिजिटल राजस्थान’ की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नई आईटी पॉलिसी और स्मार्ट सेवा केंद्रों का भी ऐलान किया है।

नीचे पढ़ें डिजिटल बदलाव की 4 बड़ी बातें:

1. व्हाट्सएप पर ई-मित्र: 100 सेवाएं अब आपकी मुट्ठी में

सरकार ने प्रशासन को जनता के द्वार नहीं, बल्कि जनता के ‘मोबाइल’ तक पहुंचाने का फैसला किया है।

  • क्या बदला: अभी तक जनमित्र केंद्रों पर करीब 60 सेवाएं मिल रही थीं। अब ई-मित्र की 100 महत्वपूर्ण सेवाओं को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जाएगा।
  • क्या मिलेगा: आप घर बैठे व्हाट्सएप के जरिए जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसी सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और सर्टिफिकेट भी वहीं प्राप्त कर सकेंगे।

2. ‘वन्स ऑनली प्रिंसिपल’: बार-बार दस्तावेज जमा करने का झंझट खत्म

अक्सर एक ही दस्तावेज (जैसे मार्कशीट या आधार) अलग-अलग सरकारी काम के लिए बार-बार देना पड़ता है। इस परेशानी को खत्म करने के लिए सरकार ‘वन्स ऑनली प्रिंसिपल’ (Once Only Principle) लागू करेगी।

  • कैसे काम करेगा: नागरिकों और उद्यमियों से किसी भी दस्तावेज की जानकारी केवल एक बार ली जाएगी।
  • फायदा: सभी सरकारी विभाग आपस में डेटा साझा करेंगे। इससे आपको बार-बार फाइलें तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस होगी।

3. शहरों में खुलेंगे ‘स्मार्ट सेवा केंद्र’

शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं को हाईटेक बनाने के लिए सरकार ने विशेष योजना बनाई है।

  • प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में चरणबद्ध तरीके से ‘स्मार्ट सेवा केंद्र’ खोले जाएंगे।
  • इन केंद्रों पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, फायर एनओसी (Fire NOC), ट्रेड लाइसेंस और अन्य अनुमतियां एक ही छत के नीचे और तय समय सीमा (Time Bound) में मिलेंगी।

4. जन आधार डेटाबेस और नई IT पॉलिसी

  • ऑटोमैटिक लाभ: जन आधार डेटाबेस को ‘360 डिग्री अप्रोच’ के साथ सभी सरकारी पोर्टल्स से जोड़ा जाएगा। इससे सिस्टम खुद तय कर लेगा कि कौन सा व्यक्ति किस योजना के लिए पात्र है, जिससे भ्रष्टाचार रुकेगा और सही व्यक्ति को लाभ मिलेगा।
  • नई आईटी पॉलिसी: तकनीक के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक नई और आधुनिक IT Policy लागू करेगी।

निष्कर्ष: राजस्थान बजट 2026 का यह डिजिटल पुश न केवल आम आदमी का समय बचाएगा बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी लाएगा। व्हाट्सएप पर सेवाएं मिलना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

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