जोधपुर/जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट 2026 में मारवाड़ क्षेत्र के आर्थिक कायाकल्प के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA) को अब हकीकत में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 3600 हेक्टेयर (लगभग 9000 एकड़) भूमि पर एक नया औद्योगिक शहर बसाया जाएगा।
922 करोड़ की लागत से सजेगी ‘इंडस्ट्रियल टाउनशिप’
नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NICDC) द्वारा विकसित की जा रही इस परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत 922 करोड़ रुपये तय की गई है। यह केवल फैक्ट्रियों का इलाका नहीं होगा, बल्कि एक आधुनिक ‘स्मार्ट सिटी’ की तर्ज पर विकसित होगा, जिसमें:
- आवासीय सुविधाएं: उद्योगों में काम करने वालों के लिए हाई-टेक टाउनशिप।
- वाणिज्यिक केंद्र: व्यापार और बिजनेस के लिए आधुनिक ऑफिस और मॉल।
- मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब: माल के आयात-निर्यात के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था।
कनेक्टिविटी का मिलेगा बड़ा लाभ
यह नया औद्योगिक क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से बेहद रणनीतिक स्थान पर स्थित है:
- यह जोधपुर से मात्र 30 किलोमीटर और मारवाड़ जंक्शन से 60 किलोमीटर दूर है।
- वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के सक्रिय होने से माल परिवहन तेज और सस्ता हो जाएगा।
- सड़क और रेल मार्ग के शानदार नेटवर्क के कारण यह पश्चिम भारत का प्रमुख विनिर्माण (Manufacturing) केंद्र बनेगा।
रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में उछाल
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से मारवाड़ क्षेत्र के गांवों और कस्बों तक रोजगार के नए अवसर पहुंचेंगे। मारवाड़ जंक्शन अब केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र (Industrial Hub) के रूप में उभरेगा। इस निवेश से न केवल राजस्थान की जीडीपी में बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम मिल सकेगा।
