जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने और हिंगोनिया गौशाला के मुद्दे पर जमकर हंगामा बरपा। बात इतनी बिगड़ गई कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच नौबत हाथापाई तक आ पहुंची। सदन की मर्यादा तार-तार होने के बाद अब सांगानेर से भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने अपनी हरकत के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खेद जताया है।
हिंगोनिया गौशाला के मुद्दे पर भड़के शर्मा
सदन में हंगामे की शुरुआत तब हुई जब हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गाय को राज्य माता का दर्जा देने का सवाल उठाया। सरकार के जवाब पर विपक्ष ने हमला बोलना शुरू कर दिया। इसी दौरान जब चर्चा हिंगोनिया गौशाला की अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की तरफ मुड़ी, तो सुई विधायक गोपाल शर्मा की तरफ घूमने लगी।
आरोप लगते देख गोपाल शर्मा आगबबूला हो गए। उन्होंने सदन में चुनौती देते हुए कहा कि अगर इस मामले में उनका कोई भी आदमी शामिल निकला, तो वे विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।
डोटासरा और चांदना से भिड़े, बीच-बचाव में आए मंत्री
माहौल तब और गरमा गया जब सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद गोपाल शर्मा गुस्से में विपक्ष की बेंचों की तरफ दौड़ पड़े। वहां उनकी पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस विधायक अशोक चांदना से तीखी नोकझोंक हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच तू-तू मैं-मैं इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। स्थिति को बिगड़ता देख संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य विधायकों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और गोपाल शर्मा को लॉबी में ले गए।
‘आजीवन खेद रहेगा’: वीडियो जारी कर मांगी माफी
सदन के बाहर आने के बाद और पार्टी स्तर पर हुए डैमेज कंट्रोल के बीच, गोपाल शर्मा ने एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “सदन में चर्चा के दौरान मैं आवेश में आ गया और मर्यादा भूल बैठा। मेरे इस व्यवहार के लिए मुझे आजीवन खेद रहेगा।” उन्होंने अपनी गलती स्वीकारते हुए सदन और जनता से माफी मांगी।
विपक्ष का अल्टीमेटम: कार्रवाई तक नहीं चलने देंगे सदन
इस घटना पर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एक विधायक द्वारा विपक्ष की बेंच पर आकर हमलावर होना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे सदन नहीं चलने देंगे। जूली ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार गौ-तस्करों को संरक्षण दे रही है।
