चूरू: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राजस्थान में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को एसीबी की श्रीगंगानगर इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जिला परिषद, चूरू में तैनात कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) सुभाष चंद्र शर्मा को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामला: MNREGA भुगतान के बदले ‘कमीशन’ की मांग
शिकायतकर्ता की ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2023-24 के दौरान मनरेगा (MNREGA) के तहत कई विकास कार्य करवाए गए थे। इन कार्यों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। आरोपी सुभाष चंद्र ने इस भुगतान की फाइल को आगे बढ़ाने और राशि जारी करवाने की एवज में कुल 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
डिजिटल रिश्वत का खेल: ₹10,000 ऑनलाइन वसूले
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने तकनीक का सहारा लेकर रिश्वतखोरी को अंजाम दिया था।
- पहली किस्त: आरोपी ने 10,000 रुपये की पहली किस्त ‘फोन-पे’ (PhonePe) के जरिए ऑनलाइन ली थी।
- दूसरी किस्त: बाकी बचे 5,000 रुपये के लिए वह परिवादी पर लगातार दबाव बना रहा था और पैसे न देने पर भुगतान रुकवाने की धमकी दे रहा था।
एक्शन में ACB: ऐसे बुना गिरफ्तारी का जाल
परेशान होकर परिवादी ने एसीबी चौकी श्रीगंगानगर में गुहार लगाई। ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया:
| अधिकारी का पद | नाम |
| सुपरविजन | स्मिता श्रीवास्तव (ADG, ACB) |
| नेतृत्व | पवन कुमार मीणा (ASP) |
| निरीक्षण | राजेन्द्र कुमार (निरीक्षक) |
ट्रैप की कार्रवाई: जैसे ही आरोपी सुभाष चंद्र ने परिवादी से 5,000 रुपये की नकदी अपने हाथ में ली, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के हाथों से रिश्वत के रंग लगे नोट बरामद किए गए हैं।
ठिकानों पर छापेमारी जारी
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और किन-किन फाइलों के बदले अवैध वसूली की है।
