जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से आज जयपुर स्थित लोकभवन में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दिव्यांग विद्यार्थियों के एक दल ने मुलाकात की। यह मुलाकात ‘राष्ट्रीय एकता यात्रा’ (National Integration Tour) के तहत आयोजित की गई थी। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने बच्चों के साथ बेहद आत्मीयता से संवाद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विविधता में एकता का संदेश
राज्यपाल बागडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लद्दाख के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा:
- सिल्क मार्ग का गौरव: लद्दाख प्राचीन काल में भारत का प्रमुख सिल्क मार्ग था, जो व्यापार और संस्कृति का केंद्र रहा है।
- एक भारत-श्रेष्ठ भारत: राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए कार्य करें।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: उन्होंने लद्दाख की अनूठी संस्कृति और भारतीय मुख्यधारा के साथ उसके अटूट जुड़ाव पर बल दिया।
मेजर अमित कुमार ने दी यात्रा की जानकारी
इस दल का नेतृत्व कर रहे मेजर अमित कुमार ने राज्यपाल को बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन विशेष विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति, विकास और इतिहास से रूबरू कराना है। इससे पहले, राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने लोकभवन पहुँचने पर पूरे दल का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे खूब पढ़ें और अपनी उपलब्धियों से माँ भारती का नाम पूरे विश्व में रोशन करें।
