आरक्षण की सेंधमारी: सरकारी नौकरी के लिए 12 हजार महिलाओं ने कागजों में लिया ‘फर्जी तलाक’; पति संग रह रहीं, लेकिन कोटे से हथियाई कुर्सी

Live Sach Profle Photo

जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट के नासूर के बाद अब एक और चौंकाने वाला ‘तलाक घोटाला’ सामने आया है। प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की होड़ में नैतिक मूल्यों को ताक पर रखकर करीब 12,000 महिलाओं ने ‘तलाकशुदा कोटे’ (Divorcee Quota) का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल कर ली है। जांच में सामने आया है कि ये महिलाएं सरकारी दस्तावेजों में तो ‘तलाकशुदा’ हैं, लेकिन हकीकत में अपने पतियों के साथ खुशहाल दांपत्य जीवन बिता रही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने अब स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े की तह तक जाने का फैसला किया है।

खेल: कम कट-ऑफ का फायदा उठाने की साजिश

विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी भर्तियों में तलाकशुदा महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान है, जिसकी कट-ऑफ (Cut-off) सामान्य वर्ग की तुलना में काफी कम रहती है। इसी का फायदा उठाने के लिए कई अभ्यर्थी जानबूझकर या तो फर्जी तलाक की डिक्री बनवा लेते हैं या आपसी सहमति से कागजों में तलाक ले लेते हैं, जबकि वे एक ही छत के नीचे पति-पत्नी की तरह रहते हैं।

बोर्ड अध्यक्ष की दो टूक: ‘कुंडली खंगालेंगे’

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा,

“हमें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि तलाकशुदा कोटे का गलत इस्तेमाल हो रहा है। यह उन महिलाओं के साथ घोर अन्याय है जो वास्तव में पीड़ा झेल रही हैं और जिन्हें इस आरक्षण की सख्त जरूरत है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड अब SOG की मदद से पिछले कुछ वर्षों में इस कोटे से चयनित महिलाओं के दस्तावेजों और उनकी वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराएगा।

रडार पर कौन?

  • वे महिलाएं जिन्होंने भर्ती आवेदन से ठीक पहले तलाक लिया।
  • वे जिनका तलाकनामा संदिग्ध है या दूसरे राज्यों से बनवाया गया है।
  • खुफिया जांच में पति के साथ रहते हुए पाई जाने वाली महिलाएं।

कानूनी शिकंजा: नौकरी तो जाएगी ही, जेल भी होगी

जानकारों का कहना है कि अगर जांच में तलाक फर्जी पाया गया, तो संबंधित महिला पर धोखाधड़ी (IPC 420) और सरकारी दस्तावेज में हेराफेरी का मुकदमा दर्ज होगा। नौकरी से बर्खास्तगी के साथ-साथ उनसे अब तक लिया गया वेतन भी वसूला जा सकता है।


असली हकदारों का दर्द: “फर्जीवाड़े ने छीना हमारा निवाला”

इस फर्जीवाड़े की सबसे बड़ी मार उन वास्तविक तलाकशुदा महिलाओं पर पड़ी है, जो पति से अलग होकर जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रही हैं। फर्जी अभ्यर्थियों की भीड़ बढ़ने से इस कोटे की कट-ऑफ भी अब ऊपर जाने लगी है, जिससे जरूरतमंद महिलाएं नौकरी की दौड़ से बाहर हो रही हैं।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article