जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट 2026 पेश करते हुए शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं और चूरू) के लिए अब तक की सबसे बड़ी घोषणा की है। पिछले तीन दशकों से लंबित यमुना जल परियोजना (Yamuna Water Project) को सरकार ने न केवल हरी झंडी दी है, बल्कि इसके लिए 32,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का प्रावधान भी किया है।
हथिनी कुंड से शेखावाटी तक का सफर
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से पाइपलाइन के जरिए यमुना का पानी राजस्थान लाया जाएगा।
- लंबाई: इसके लिए लगभग 300 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
- अलाइनमेंट: राजस्थान सरकार ने इसका अलाइनमेंट पहले ही तैयार कर लिया है, जिसे हरियाणा सरकार की ओर से भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
दो चरणों में होगा विकास
इस परियोजना को दो मुख्य चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा:
- प्रथम चरण: सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल (Drinking Water) की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
- द्वितीय चरण: पेयजल के साथ-साथ सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें चूरू जिले की 35,000 हेक्टेयर और झुंझुनूं जिले की 70,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
शेखावाटी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सदन में कहा कि इस परियोजना का काम शीघ्र ही धरातल पर शुरू किया जाएगा। यमुना का 577 MCM पानी मिलने से शेखावाटी के डार्क जोन में जा रहे जलस्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। यह न केवल पेयजल संकट को दूर करेगा, बल्कि कृषि उत्पादन में वृद्धि कर स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
